इससे पहले बुधवार को सिद्धू ने एक ट्वीट कर लिखा था-अपने खिलाफ बातें मैं अक्सर खामोशी से सुनता हूं, जवाब देने का हक, मैंने वक्त को दे रखा है। सिद्धू के इस ट्वीट को पीसीसी के खिलाफ बगावत के तौर पर देखा गया। जिसकी खूब चर्चा भी हुई। 

चंडीगढ़ : पंजाब (Punjab) की राजनीति में आज का दिन सियासी हलचल से भरा है। सवाल क्या नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) कोई नया सियासी दांव लगाने जा रहे हैं? कांग्रेस (Congress) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एक बार फिर सियासी पाला बदलने की तैयारी कर रहे हैं? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि सोमवार शाम सवा पांच बजे सिद्धू सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) से मिलने जा रहे हैं। सिद्धू ने ट्वीट कर खुद इस मुलाकात की जानकारी दी। हालांकि उन्होंने इसे राज्य की आर्थिक हालात पर चर्चा वाली मुलाकात बताया लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इशारा कुछ और ही है।

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अनुशासनिक कार्रवाई से पहले मुलाकात
नवजोत सिंह सिद्धू उस वक्त मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे हैं, जब उन पर कांग्रेस पार्टी में अनुशासत्मक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसलिए चर्चा है कि यह मुलाकात उनका सियासी भविष्य तय कर सकता है। बताया जा रहा है कि सिद्धू का पार्टी के किसी नेता के साथ जम नहीं रहा है। वे एक के बाद एक कई नेताओं के निशाने पर हैं। खुद नए प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग (Amrinder Singh Raja Warring) से भी उनके तालमेल ठीक नहीं है। ऐसे में पार्टी इंचार्ज हरीश चौधरी ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से उनकी शिकायत की है और सिद्धू पर एक्शन को लेकर पूरा मामला अब अनुशासनिक समिति के पास है। 

अपने ही अंदाज में शेर लिखे
अनुशासनिक समिति की बैठक के बीच सिद्धू सीएम मान से मिलने जा रहे हैं। जिसको लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर दो शेर भी लिखे। पहले में उन्होंने लिखा-हमारी अफवाहों का धुआं वहीं से उठता है, जहां हमारे नाम से आग लग जाती है। उसके बाद उन्होंने फिर लिखा- करते तो दोनों ही थे। हम कोशिश, वो साजिश..। अब सवाल यह है कि आखिर सिद्धू के मन में क्या चल रहा है और वे किसकी ओर इशारा कर रहे हैं?

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