पंजाब के संगरूर में पेशाब पीने के लिए मजबूर किये जाने तथा बेरहमी से की गयी पिटायी से हुई मौत के चार दिन बाद एक दलित व्यक्ति का उसके पैतृक गांव चंगालीवाला में अंतिम संस्कार किया गया।

संगरूर . पंजाब के संगरूर में पेशाब पीने के लिए मजबूर किये जाने तथा बेरहमी से की गयी पिटायी से हुई मौत के चार दिन बाद एक दलित व्यक्ति का उसके पैतृक गांव चंगालीवाला में अंतिम संस्कार किया गया। राजधानी चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में आज दिन में 37 साल के जगमेल सिंह का पोस्टमार्टम कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि पीजीआईएमईआर में शनिवार की सुबह जगमेल की मौत हो गयी थी । संक्रमण के कारण उसका पैर चिकित्सकों को काटना पड़ा था ।

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पोस्टमार्टम के बाद सिंह का शव संगरूर जिले में स्थित पैतृक गांव ले जाया गया जहां बड़ी संख्या में लोगों और स्थानीय नेता दिवंगत के अंतिम संस्कार में शामिल हुए । जगमेल के नाबालिग बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी । पंजाब सरकार के मंत्री विजय इंदर सिंगला, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता तथा पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल भी अंतिम संस्कार में मौजूद थीं। सोमवार को पंजाब सरकार के आश्वासन के बाद जगमेल के परिजन ने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया । प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने जगमेल के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा, उसकी विधवा को सरकारी नौकरी तथा तीनों बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अश्वासन दिया था। राज्य सरकार ने मामले की जांच कराने की भी घोषणा की थी।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)