राजस्थान प्रशासनिक सेवा RAS (Rajasthan administrative service) की प्री परीक्षा को लेकर होईकोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने परीक्षा के परिणाम को रद्द कर दिया है। ऐसे में फिर से आरएएस-प्री का रिजल्ट नए सिरे से आने के बाद ही मेन्स परीक्षा हो सकेगी।

जयपुर. सरकारी नौकरी के लिए राजस्थान में होने वाली परिक्षाओं में अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब राजस्थान प्रशासनिक सेवा RAS (Rajasthan administrative service) की प्री परीक्षा को लेकर होईकोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने परीक्षा के परिणाम को रद्द कर दिया है।

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अब नहीं होगी मेन्स परीक्षा
दरअसल, कुछ दिन पहले आरएएस प्री की परीक्षा को लेकर अंकित शर्मा व अन्य ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। जिस पर मंगलवार को जस्टिस महेन्द्र गोयल की बेंच ने सुनवाई करते हुए परीक्षा के परिणाम को रद्द कर दिया है। अब राज्य में होने वाले मेन्स एग्जाम नहीं होंगे। ऐसे में फिर से आरएएस-प्री का रिजल्ट नए सिरे से आने के बाद ही मेन्स परीक्षा हो सकेगी। 

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पिछले साल आया है प्री एग्जाम का रिजल्ट
हाईकोर्ट ने 5 विवादित प्रश्नों पर दोबारा से कमेटी बनाने के आदेश दिए हैं। जो गलत सवाल थे, लेकिन परीक्षा में उनके नंबर सही दे दिए गए। इस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट के आदेश पर नए सिरे से प्री-एग्जाम की आंसर-की जारी करनी होगी। बता दें कि आरएएस भर्ती 2021 की प्री परीक्षा पिछले साल 27 अक्टूबर को आयोजित हुई थी। जिसका परिणाम 19 नंवबर को आया था। जिसके परिणामों पर कई अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े करते हुए फिर से कॉपी जांचने की मांग कर रहे थे। इतना ही नहीं मेन्स एग्जाम को रद्द करनी की भी मांग की गई थी।

इस फैसले के लिए हो रहा था सत्याग्रह
बता दें कि हाईकोर्ट के इस फैसले से आरएएस प्री परीक्षा के अभ्यर्थी खुश हैं। क्योंकि यह फैसला उस वक्त आया है जब राजस्थान प्रशासनिक सेवा की मुख्य परीक्षा 25 और 26 फरवरी को होनी थी, इसमें सिर्फ तीन दिन ही बचे थी। परीक्षा को स्थगित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी 10 फरवरी से परीक्षा आंदोलन पर बैठे थे। 

बीजेपी के बाद कांग्रेस विधायक ने खोला मोर्चा
पिछले कई दिनों से परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर स्टूडेंट्स के साथ मुख्य विपक्षी दल बीजेपी भी विरोध-प्रदर्शन कर रही थी। मुद्दे को देखते हुए इसमें कांग्रेस के नेता भी कूद पड़े थे। सचिन पायलट (Sachin Pilot) के करीबी विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया, अनिल चोपड़ा समेत कई नेताओं ने सरकार के खिलाफ छात्रों के धरने का समर्थन किया। इसे भी पढ़ें-राजस्थान BJP में फिर बढ़ी

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