राजस्थान में विधानसभा चुनाव के पहले एक बार फिर प्रदेश के दोनो दिग्गज नेता अपने अपने काम पर निकल चुके है। यहां सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट पार्टी जीत के लिए अपनी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। जहां सीएम गहलोत चिंतन शिविर तो पायलट शक्ति प्रदर्शन पर निकले है।

जयपुर ( jaipur). कई महीनों के बाद आज राजस्थान सरकार के पायलेट यानि पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट आज से शक्ति प्रदर्शन पर निकले हैं। आज जब वे अपने जयपुर स्थित आवास से निकल रहे थे तो इतने समर्थक जमा हो गए कि ढोल बजा बजाकर ढोल ही फाड़ दिए। इतनी भीड़ थी कि इसे काबू करने के लिए पुलिस को तैनात किया गया। दरअसल पायलेट आज से पांच जिलों के दौरे पर निकल रहे हैं और इसकी शुरुआत शेखावटी इलाकों से की गई है। आज पहला दौरा नागौर जिले से शुरू किया जा रहा है। नागौर के बाद वे हनुमानगढ, झुझुनूं, पाली जिले में भी जाएंगे और वहां पर भी सभाएं करेंगे। इस बीच सरकार खुद बजट बनाने और विधानसभा के पहले की तैयारी करने में व्यस्त है।

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ये सब कुछ घटा है कुछ महीनों में पायलट के साथ 
दरअसल पिछले कुछ महीनों से सचिन पायलेट लगातार सीएम अशोक गहलोत के निशाने पर रहे हैं। कई सभाओं में सीएम अशोक गहलोत, पायलेट को निक्कमा और नकारा तक कह चुके हैं। यह पूरा विवाद सीएम की कुर्सी को लेकर हुआ था। पायलेट गुट के नेता चाहते थे कि सीएम अशोक गहलोत अब कुर्सी छोड़ दे और पायलेट को मौका मिले। उधर सीएम गुट के नेता और मंत्री चाहते थे कि सीएम ही सीएम बनकर रहे।.

दिल्ली के आलाकमान को आना पड़ा बीच बचाव करने
इस बीच विवाद बढ़ा तो दिल्ली से पर्यवेक्षक अजय माकन आए और उन्होनें सीएम के खिलाफ दिल्ली में आलाकमान को जानकारियां दी। उस समय कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना था जिस दौड़ में अशोक गहलोत एक मात्र नाम था। लेकिन गहलोत राजस्थान छोड़कर दिल्ली जाना नहीं चाह रहे थे। ऐसे में विवाद सचिन और अशोक गहलोत में और विवाद बढ़ गया। बाद में मल्लिकार्जुन खरगे को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया उन्होनें दोनो नेताओं को समझाकर मामला शांत कराया। अब सब ट्रेक पर है।