जयपुर पुलिस का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। रात के अंधेरे में सिविल ड्रेस में घरों में घुसे और महिलाओं को क्रिकेट बल्ले से पीटा। इतना ही नहीं जो बचाने आया उसे डंडों से पीटा गया। इसके बाद बज भीड़ जमा हुई तो वे अपनी गाड़ी से भाग छूटे।

 जयपुर (राजस्थान). जयपुर में कल रात पुलिस ने एक घर में घुसकर इतना कोहराम मचाया कि आसपास के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए। भीड़ बढ़ती देख जब पुलिस को लगा कि उन पर हमला हो सकता है तो वे अपनी गाड़ी से भाग छूटे। गाड़ी चलाने के दौरान बिजली के पोल को भी जोरदार टक्कर मारी गई। जिससे पोल टेढ़ा हो गया । अब उसके गिरने का डर सता रहा है । यह पूरा घटनाक्रम हरमाड़ा थाना इलाके का है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार बेहद डरा सहमा है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

 महिलाओं का आरोप सिविल में आए थे पुलिस वाले, आते ही बैठ से पीटने लगे 
 हरमाड़ा थाना क्षेत्र के रामाल्या वाला के श्री राम वाटिका निवासी सुमित्रा ने बताया कि शनिवार रात करीब 9:30 10:00 बजे के आसपास 4 लोग अचानक घर में घुस आए । उनमें से एक व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बता रहा था। लेकिन उसने पुलिस की ड्रेस नहीं पहनी थी । आते ही उन्होंने परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी और गाली गलौज किया। जिस समय वे लोग आए उस समय परिवार के पुरुष घर में नहीं थे। घर में सास और बहू मौजूद थे। 

महिलाएं चीखती रहीं और वो लात घूंसे डंडे बरसाते रहे
सुमित्रा देवी ने बताया कि घर में घुसे लोगों ने उसे और उसकी बहू को बल्ले से पीटा। लात घूंसे मारे और डंडे भी बरसाए जब चीख-पुकार मची हो हल्ला हुआ तो पड़ोसी मौके पर आ पहुंचे । उन्होंने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। इस दौरान जब उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो वे धक्के मारते हुए वहां से भाग छूटे । इस बीच एक पुलिसकर्मी नरेंद्र निठारवाल का आई कार्ड मौके पर गिर गया और बल्ला भी वही छूट गया। परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी निजी वाहन से आए थे और उन्होंने पुलिस की ड्रेस भी नहीं पहन रखी थी। यह लोग कौन थे और कहां से आए थे ,परिवार को इसकी जानकारी नहीं है । 

घटनाक्रम के बाद परिवार दहशत में है
आज सवेरे जब हरमाड़ा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई तो हरमाड़ा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। परिवार की महिला सुमित्रा देवी ने बताया आई कार्ड फिलहाल उन्हीं के पास है। सुमित्रा देवी का आरोप है कि हरमाड़ा थाना पुलिस इस पूरे घटनाक्रम पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है । पुलिस ने अभी तक भी नहीं बताया कि नरेंद्र निठारवाल पुलिसकर्मी के साथ आए अन्य तीनों लोग कौन थे। उधर इस घटनाक्रम के बाद परिवार दहशत में है उन्हें डर है कि ऐसा फिर से उनके साथ किया जा सकता है।