क्या दो पत्नियों के बीच का विवाद बना 4 हत्याओं की वजह? क्या नाबालिग बेटे ने महीनों पहले रची थी खूनी साजिश? क्यों जलती स्कॉर्पियो ने खोला अजमेर हत्याकांड का डरावना राज? क्या परिवार ने मिलकर सबूत मिटाने के लिए शवों को आग लगाई?

अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर श्रीरामपुरा गांव के पास नेशनल हाईवे पर जब लोगों ने एक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी को धू-धू कर जलते देखा, तो पहली नजर में यह एक आम सड़क हादसा लगा। लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची और जलती हुई गाड़ी की आग बुझाई गई, तो उसके भीतर का मंजर देखकर अनुभवी जांचकर्ताओं के भी होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर तीन इंसानी कंकाल पूरी तरह जल चुके थे, जबकि कुछ ही दूरी पर एक खेत में दूसरी पत्नी का खून से लथपथ, गला रेता हुआ शव बरामद हुआ। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक बेहद क्रूर और सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया चौहरा हत्याकांड (Quadruple Murder) था।

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किस-किस की हुई हत्या?

मृतकों की पहचान श्रीरामपुरा के पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी बुजुर्ग मां पूसी देवी, उनकी दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान देवी और उनकी मासूम भतीजी महिमा चौधरी के रूप में हुई। शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन मोबाइल टावर डेटा, फोरेंसिक साक्ष्य और घर की दीवारों पर मिले खून के छींटों ने जल्द ही इस खूनी खेल का पर्दाफाश कर दिया।

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दो पत्नियां और एक ही छत: 'साइलेंट किलर' बन रही थी नफरत

जांच में सामने आया कि इस खौफनाक हत्याकांड की जड़ें उस घर के भीतर चल रहे लंबे और दमघोंटू घरेलू विवाद में छिपी थीं। पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी ने साल 2005 में सुनीता से पहली शादी की थी, जिससे उनके दो बच्चे (एक बेटी सरिता और एक नाबालिग बेटा) थे। साल 2019 में राम सिंह ने सुनीता की मर्जी के खिलाफ जाकर सूर्यज्ञान देवी से दूसरी शादी कर ली, जो जिला परिषद सदस्य थीं और कानून की पढ़ाई कर रही थीं।

नाबालिग बेटे ने क्यों उठाया ऐसा खौफनाक कदम?

राम सिंह अपनी दोनों पत्नियों और बच्चों के साथ एक ही छत के नीचे रहते थे। पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाल के अनुसार, घर के भीतर का माहौल किसी टाइम बम की तरह था। पहली पत्नी सुनीता को बंधक जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया गया था। उसे घर के सारे काम करने पड़ते थे और बाहर कदम रखने की भी इजाजत नहीं थी। शराब के नशे में राम सिंह अक्सर सुनीता और बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। इसी रोज-रोज के उत्पीड़न ने राम सिंह के ही नाबालिग बेटे के भीतर नफरत का एक ऐसा ज्वालामुखी पैदा कर दिया, जो आखिरकार 27 मई की काली रात को फट पड़ा।

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ऑनलाइन मंगाया चाकू…फिर आधी रात काट दिया पिता का गला

पकड़े गए नाबालिग बेटे ने पूछताछ में जो कबूलनामा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। उसने बताया कि वह अपने पिता से इस कदर नफरत करने लगा था कि उसने पहले भी कई बार उन्हें मारने की नाकाम कोशिशें की थीं-कभी खाने में जहर मिलाकर तो कभी माइनिंग एरिया (खनन क्षेत्र) की पहाड़ी से नीचे धकेल कर। इस बार उसने पूरी प्लानिंग के साथ ऑनलाइन एक धारदार चाकू ऑर्डर किया था। 27 मई की शाम को राम सिंह और सुनीता के बीच फिर से तीखी बहस हुई। गुस्से में बेटे ने अपने पिता को जान से मारने की धमकी दी। रात को जब राम सिंह गहरी नींद में सो रहे थे, तब नाबालिग बेटे ने खंजर से उनका गला रेत दिया। लेकिन खौफ का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका।

…फिर एक-एक कर खत्म किए गवाह

चश्मदीदों को मिटाने का खूनी तांडव: > पिता का गला कटते ही पास सो रही दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान की आंख खुल गई। उसने आरोपी को देख लिया। पकड़े जाने के डर से लड़के ने सूर्यज्ञान पर भी हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बगल के कमरे से राम सिंह की बुजुर्ग मां पूसी देवी और भतीजी महिमा दौड़कर आईं। खुद को फंसता देख लड़के ने अपनी मां सुनीता और बहन सरिता के साथ मिलकर, गवाहों को खत्म करने के इरादे से, उन दोनों पर भी भारी और धारदार हथियारों से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

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सबूत मिटाने का खेल और एक झूठी कहानी

चार हत्याओं को अंजाम देने के बाद सबूतों को ठिकाने लगाने का दौर शुरू हुआ। आरोपियों ने घर में खड़े ट्रैक्टर से डीजल निकाला। राम सिंह, उनकी मां और भतीजी के शवों को घसीटकर स्कॉर्पियो गाड़ी में डाला। गाड़ी की पिछली सीटों को मोड़ दिया गया ताकि शवों को आसानी से छुपाया जा सके। इसके बाद गाड़ी को घर से 500 मीटर दूर ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया। सूर्यज्ञान का शव हड़बड़ाहट में पास के खेत में ही छूट गया।

अगली सुबह जब पुलिस पूर्व सरपंच के घर पहुंची, तो पहली पत्नी सुनीता ने बेहद शातिराना अंदाज में कहानी गढ़ी कि राम सिंह अपनी बीमार मां को लेकर अस्पताल गए हैं। हालांकि, फोरेंसिक टीम को घर के फर्श और दीवारों पर पानी और केमिकल से धोए गए खून के हल्के धब्बे मिल गए। कड़ाई से की गई पूछताछ में नाबालिग बेटे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी नाबालिग बेटे, पहली पत्नी सुनीता और बेटी सरिता को हिरासत में ले लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।