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अनोखी मिसाल: पत्नी प्रधान चुनाव में हारी तो पति को 71 लाख की माला पहनाई, लोगों का प्यार देख छलके आंसू

चुनाव में हार मिलने के बाद अक्सर लोग यही चर्चा करते हैं कि देखो उसने लाखों रुपए खर्च कर दिए फिर भी वह हार गया। लेकिन राजस्थान के मारवाड़ में एक ऐसी मिसाल देखने को मिली जो शायद ही किसी ने कभी देखी होगी।

Rajasthan after loosing Pradhan Election wife put garland of 71 lakh currency note around husband neck
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Jodhpur, First Published Sep 30, 2021, 7:51 PM IST
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जोधपुर (राजस्थान). चुनाव में हार मिलने के बाद अक्सर लोग यही चर्चा करते हैं कि देखो उसने लाखों रुपए खर्च कर दिए फिर भी वह हार गया। लेकिन राजस्थान के मारवाड़ में एक ऐसी मिसाल देखने को मिली जो शायद ही किसी ने कभी देखी होगी। यहां एक प्रत्याशी के प्रति लोगों में इतना स्नेह था कि उसके हारने के बाद भी उम्मीदवार के पति को इलाके के लोगों ने 71 लाख रुपए भेंट किए। आर्थिक रूप से सांत्वना देने के लिए लोगों यह राशि उसको भेंट की। आइए जानते हैं क्या है अनोखा मामला...

देखते ही देखते जुट गए 71 लाख रुपए
दरअसल, जनसहयोग का ये अनूठा उदाहरण बुधवार को जोधपुर जिले के बारनी खुर्द गांव में देखने को मिला। गांव के लोगों ने 
प्रधान का चुनाव हार चुकी महिला प्रत्याशी ब्रह्माकुमारी पारासरिया के लिए एक धन्यवाद सभा का आयोजन किया था। जहां ग्रामीणों ने प्रत्याशी को सांत्वना दी। देखते ही देखते उन्होंने एक दूसरे के सहयोग से 71 लाख रुपए जुटा लिए। इसके बाद इन रुपयों को एक थाल में भरकर साथ ही एक माला प्रत्याशी ब्रह्माकुमारी पारासरिया के पति रामप्रसाद को भेंट की।

लोगों में नोटो की माला पहनाने की मची होड़
जैसे ही लोगों को पता चला कि ब्रह्माकुमारी की धन्यवाद सभा का आयोजन है तो बड़ी संख्या में लोग उमड़े। इतना ही नहीं उनके पति को नोटों की माला पहनाने की होड़ लग गई। हर कोई इस सहयोग में उनकी मदद करना चहाता था। बता दें कि इस दौरान रालोपा के संयोजक हनुमान बेनीवाल भी मौजूद थे। आलम यह था कि सुबह से लेकर शाम तक लोग आते रहे और नोटों की माला पहनाते रहे। 

जनता की लोकप्रिय फिर भी हार गईं चुनाव
बता दें कि  ब्रह्माकुमारी ने  राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) की प्रत्याशी के रूप में प्रधान पद का चुनाव लड़ा था। जिनका चुनाव में लाखों रुपए खर्च हो गया था। लेकिन सयोंग बस वह कांग्रेस प्रत्याशी से चुनाव हार गईं। उनकी जनता में अच्छी पकड़ है और लोग उनको खूब पसंद भी करते हैं। इतना ही नहीं उनके  स्वरूप राम पारासरिया कई बार सरपंच रहे हैं। साथ ही पति भी बबलू भी गांव के सरपंच रह चुके हैं।  लेकिन पत्नी को हार का सामना करना पड़ गया।

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