रविवार को वह खुद रेवदर के आबकारी थाने पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि किडनैपर उन्हें किसी नाले के पास छोड़कर चले गए। वहीं, पुलिस ने महंत को ब्लैकमेल करने वाले युवकों को भी डिटेन कर लिया है। 

जालौर. राजस्थान के जालौर जिले के महंत पारस भारती के 3 दिन पहले किडनैप होने की कहानी झूठी निकली है। महंत ने कुछ युवकों की ब्लैकमेलिंग के डर से अपने साथियों के साथ अपहरण की झूठी कहानी रची। रविवार को वह खुद रेवदर के आबकारी थाने पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि किडनैपर उन्हें किसी नाले के पास छोड़कर चले गए। वहीं, पुलिस ने महंत को ब्लैकमेल करने वाले युवकों को भी डिटेन कर लिया है। 

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एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि रविवार शाम को महंत को कोतवाली पुलिस लेकर आई और उनसे पूछताछ की गई। जिसमें महंत पारस ने किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाना स्वीकार किया है। पूछताछ के महंत ने बताया कि कुछ युवक उनका अश्लील वीडियो वायरल करने के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। पांचों युवक उनसे मोटे पैसे की भी मांग कर रहे थे। महंत के किडनैपिंग की खबर सुनकर उनके समर्थकों में गुस्सा भी था। हालांकि पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ किए जाने के बाद महंत ने अपने किडनैपिंग की सारी सच्चाई पुलिस के सामने रख दी। 

पुलिस पूछताछ में महंत ने बताया कि इन युवकों से पीछा छुड़ाने के लिए उन्होंने अपने साथी मोवनाराम,भावाराम और सूजाराम के साथ अपने किडनैप होने की साजिश रची। प्लान के तहत वह एक भजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए। रास्ते में उन्होंने खुद ने ही अपनी गाड़ी के शीशे तोड़ लिए। महंत ने बताया कि उसने गाड़ी में तोड़फोड इसलिए की कि पूरा घटनाक्रम इस तरह से बनाया कि यह किडनैप लगे। इसके बाद महंत छिपने के लिए पोसिंद्रा के एक मंदिर में गए जहां 3 दिन रुके। वहीं, घटना के बाद पुलिस ने महंत की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया। और वीडियो वायरल करने के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले नागेंद्र, अभय, छतरसिंह,महावीर और जोग सिंह को डिटेन कर लिया है। जिनसे पूछताछ जारी है।

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