कोरोना संक्रमित मरीज से हर कोई दूरी बनाकर रखता है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान से सामने आया, राज्य में सोमवार के दिन  प्री डीएलएड की परीक्षा आयोजित की गई थी। इस दौरान एक  कोरोना पॉजिटिव लड़की एग्जाम देने पहुंची थी, उसने कमरे में अकेले बैठकर यह परीक्षा दी। 

दौसा (राजस्थान). कोरोना संक्रमित मरीज से हर कोई दूरी बनाकर रखता है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान से सामने आया, राज्य में सोमवार के दिन प्री डीएलएड की परीक्षा आयोजित की गई थी। इस दौरान एक कोरोना पॉजिटिव लड़की एग्जाम देने पहुंची थी, उसने कमरे में अकेले बैठकर यह परीक्षा दी।

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लड़की ने कलेक्टर से मागी थी परीक्षा की अनुमति
दरअसल, यह मामला दौसा के रामकरण जोशी सेकंडरी स्कूल में बने एग्जाम सेंटर में युवती परीक्षा देने पहुंची थी। छात्रा का दौसा के ही एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। जहां उसको पता चला कि 31 अगस्त को प्री डीएलएड की परीक्षा होनी है। इसके लिए युवती ने एग्जाम देने के लिए कलेक्टर स्पेशल अनुमति मांगी थी। परमिशन मिलने के बाद प्रशासन ने उसके लिए अलग से व्यवस्था करवाई।

एंबुलेंस में बैठकर परीक्षा देने आई छात्रा...
प्रशासन छात्रा को एंबुलेंस के जरिए परीक्षा केंद्र लाया था। जहां पहले से ही पीपीई किट पहनाकर एक परीक्षक तैनात था। युवती को एक कमरे में ले जाया गया, जहां उसने बैठकर एग्जाम दिया। इस दौरान परीक्षक दूर से लड़की पर नजर रखे रहा। जिला कलेक्टर ने कहा-परीक्षा देने का हक सबका है, हम किस के भविष्य नहीं बिगाड़ सकते हैं।

3 डॉक्टरों की निगरानी में कॉपी की गई सैनेटाइज
परीक्षा सपंन्न होने के बाद लड़की की कॉपी को पहले सैनिटाइज की गई, इसके बाद उसको एक अलग पॉलीथीन में रख दिया गया। इसके बाद फिर से उस कॉपी को सैनिटाइज किया गया। फिर रोल नंबर के हिसाब से बाकी कॉपियों के साथ रखा गया है। बता दें कि कॉफी का भेजने के काम तीन डॉक्टरों की निगरानी में किया गया।