राजस्थान के उदयपुर में डेथ सर्टिफिकेट जारी होने के बाद एक नवजात के जिंदा निकलने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हालांकि इसके बाद जो हुआ..वो बच्चे के पूरे परिवार को रुला गया।

उदयपुर, राजस्थान. जिले के चंदेसरा में एक मृत बच्चे की सांसें दुबारा चलने का मामला सामने आया है। हॉस्पिटल ने बच्चे का डेथ सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया था। बच्चे की बॉडी लेकर परिजन मायूस होकर हॉस्पिटल से घर ले जा रहे थे। इसी दौरान उसकी दादी ने रोते हुए उसे अपने सीने से चिपका लिया। तभी बच्चे ने टॉयलेट कर दी। यह देखकर दादी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जब बच्चे को टटोला गया, तो उसकी सांसें चल रही थीं। यह और बात रही कि बच्चा अधिक समय तक जीवित नहीं रह सका।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred


कुछ घंटे तक ही खुशी मना सका परिवार...
मावली क्षेत्र की नउवा पंचायत के खादरा वाड़ा निवासी 21 साल की ममता गमेती को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार सुबह 11 बजे चंदेसरा पीएचसी भर्ती कराया गया था। वहां शाम 4 बजे उसने एक बेटे को जन्म दिया। बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इस पर उसे उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। यहां बच्चे को देखने के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हॉस्पिटल ने उसका डेथ सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर अपने गांव लेकर पहुंचे। तभी बच्चे की सांसें चलने लगीं। उसे फौरन चंदेसरा पीएचसी ले जाया गया। वहां उपचार के बाद उसे फिर एमबी राजकीय हॉस्पिटल रेफर किया गया। लेकिन अगले दिन सुबह करीब 5.30 बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया।

बतातें हैं के चंदेसरा आदर्श स्वास्थ्य केंद्र पर दादी मांगीबाई अपने सीने से पोते को चिपकाए बैठी रही। बच्चे को जिंदा देखकर सब बहुत खुश थे, लेकिन ये खुशियां ज्यादा समय तक नहीं रह सकीं। बच्चे का चेकअप करने वाले डॉ. लाखन पोसवाल ने बताया कि जब बच्चे को लाया गया, तब उसकी सांसें नहीं चल रही थीं।