राजस्थान के सियासी घटनाक्रम से राहत मिलने के बाद प्रदेश के सीएम की गुड गवर्नेंस में चूक का मामला सामने आया है। राजस्थान की पुलिस पर मोदी के मंत्री कैलाश चौधरी ने आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है।

जयपुर. राजस्थान के सियासी घटनाक्रम से राहत मिलने के बाद प्रदेश के सीएम की गुड गवर्नेंस में चूक का मामला सामने आया है। राजस्थान की पुलिस पर मंत्री कैलाश चौधरी ने आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं मंत्री कैलाश चौधरी ने पुलिस के एक डिप्टी को सरेआम गालियां भी दी है। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

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बारमेर का का है मामला
दरअसल, मामला बाड़मेर जिले का है। सोमवार को यहां नाथू खान नाम का एक युवक अपने ससुराल आसोतरा से असाडा की तरफ जा रहा था। इसी दौरान बीच रास्ते बजरी के ठेकेदारों ने बाखरी गांव में नाथू खान को रोक लिया। यहां करीब 2 दर्जन से ज्यादा लोगों ने नाथू खान को बुरी तरह से पीटा। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए उसे जोधपुर रेफर किया गया। जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गई। घटना के विरोध में परिजनों ने धरना शुरू कर दिया। इस धरने में केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी भी शामिल रहे।

धरने पर बैठे मंत्री
धरने पर बैठने के दौरान मंत्री कैलाश चौधरी ने लोगों से पुलिस के बारे में कई बार गालियां देते हुए भला बुरा कहा। चौधरी ने पुलिस के एक डिप्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरी घटना का मुख्य सरगना डिप्टी ही है। जिसने ही यह है साजिश रची है। ऐसे में उसे सस्पेंड कर जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। क्योंकि वह यहां गुंडों के साथ रहता है। उसे कई बार समझाया भी जा चुका है। लेकिन हर बार डिप्टी कहता है कि मुझे ऊपर से आदेश है।

चौधरी ने कहा कि इस डिप्टी की ड्यूटी के यहां होने के चलते हालात इतने बुरे हो चुके हैं कि बदमाश इलाके में पिस्टल लेकर घूमते रहते हैं। काफी बार कहने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं होती है। धरने पर बैठे रहने के दौरान मंत्री कैलाश चौधरी ने कई बार डिप्टी को गालियां दी। धरना कुछ मांगों पर सहमति के बाद समाप्त हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

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