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क्या पार्टनर के साथ हमेशा होती है अनबन? इन 5 तरीकों से चीजों को कर सकते हैं बेहतर

ऐसे लोग शायद ही मिलें जिनकी पार्टनर से कभी नोकझोंक या अनबन नहीं हुई हो। रिलेशनशिप के बीच यह एक आम बात है। लेकिन अगर यह एक सीमा से बढ़ने लगे तो संबंध टूटने का खतरा भी पैदा हो सकता है। 

Are there always differences with partner, these 5 methods will be helpful in solving problems MJA
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New Delhi, First Published May 17, 2020, 2:29 PM IST
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रिलेशन डेस्क। ऐसे लोग शायद ही मिलें जिनकी पार्टनर से कभी नोकझोंक या अनबन नहीं हुई हो। रिलेशनशिप के बीच यह एक आम बात है। लेकिन अगर यह एक सीमा से बढ़ने लगे तो संबंध टूटने का खतरा भी पैदा हो सकता है। फिलहाल, कोरोना वायरस महामारी के चलते लगे लॉकडाउन की वजह से भी ज्यादातर लोग मानसिक रूप से परेशान हैं। ऐसे में, खास तौर पर सावधान रहने की जरूरत है। यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिए कि संबंध बनाने में तो बरसों लग जाते हैं, पर ये एक झटके में टूट सकते हैं। संबंध अनमोल होते हैं। ये हमारी भावनाओं से जुड़े होते हैं, इसलिए अगर नोकझोंक व मनमुटाव हो तो सब्र से काम लें। संबंधों को ठीक रखने के जानें कुछ टिप्स।  

1. अहंकार मत रखें
पार्टनर्स के बीच मतभेद पैदा होना एक स्वाभाविक बात है। कई मुद्दों पर लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है। इससे संबंधों में कोई दुराव नहीं आता, लेकिन अगर कोई पार्टनर अहंकार की भावना से ग्रस्त हो तो वह दूसरे को ज्यादा महत्व नहीं देता। ऐसे में, संबंध लंबे समय तक नहीं चल सकते। इसलिए अगर पार्टनर से बेहतर संबंध बनाए रखना हो तो अहंकार से बचना होगा।

2. जिद से भी बिगड़ते हैं रिश्ते
कुछ लोग बेहद जिद्दी स्वभाव के होते हैं। वे चाहते हैं कि उन्होंने जो बात कही है, वह हर हाल में मानी जाए। अपनी जिद के आगे वे किसी तरह के लॉजिक को मानने के लिए तैयार नहीं होते। शुरुआती दौर में कोई भी एक हद तक जिद को झेलता है, लेकिन जब जिद लिमिट को क्रॉस करने लगती है तो लड़ाई-झगड़े शुरू हो जाते हैं। कई बार पार्टनर लड़-झगड़ कर शांत हो जाते हैं, तो कई बार इस वजह से उनके रिश्ते में दरार भी पड़ जाती है।  

3. मारपीट की नौबत
ऐसा भी देखने में आता है कि पार्टनर्स के बीच शुरू हुई बहस लड़ाई का रूप ले लेती है और एक ऐसी स्थिति आती है, जब नोकझोंक और वाद-विवाद के साथ मारपीट भी शुरू हो जाती है। इसकी शुरुआत चाहे जो करे, यह बहुत ही बुरी स्थिति होती है। शारीरिक हिंसा सबसे गलत है। अगर पुरुष महिला पर हाथ उठाता है तो वह तत्काल कानूनी सहायता लेकर पुरुष साथी को जेल की हवा खिलवा सकती है, वहीं इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि कुछ महिलाएं भी अपने पुरुष साथियों पर हाथ उठी देती हैं। ऐसी हालत में पुरुष कहीं से किसी तरह की कोई सहायता हासिल नहीं कर सकता।

4. गैरजरूरी बहस से बचें
अगर पार्टनर्स के बीच किसी भी मुद्दे को लेकर मतभेद हों तो बहस करना गलत नहीं है, लेकिन उसकी एक सीमा होनी चाहिए। गैरजरूरी बहस से हमेशा बचने की कोशिश करनी चाहिए। बहस कर रहे हों तो उसके कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। बहस किसी मुद्दे पर करें, उसे लेकर इस हद तक उत्तेजित न हों कि लड़ाई-झगड़े और मारपीट की नौबत आ जाए।

5. व्यक्तिगत लांछन नहीं लगाएं
हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि दूसरों के साथ वैसा ही बर्ताव करना जरूरी है, जैसा आप अपने साथ पसंद करते हैं। अगर आप और आपके साथी में एक ही बात को लेकर बार-बार बहस या लड़ाई हो रही है, तो इसका निबटारा करने के लिए समस्या की जड़ तक पहुंचें। कौन-सी ऐसी बातें हैं जिन पर आम राय बनाना संभव है, और कौन-सी नहीं, इस पर विचार करें। अगर आपको लगे कि किसी मित्र या फैमिली मेंबर की सलाह से इन मुद्दों का समाधान बेहतर तरीके से हो सकता है तो आप जरूर उनसे सलाह लें।

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