MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
Add Preferred SourceGoogle-icon
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • GK
  • फोटो गैलरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • वीडियो
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • Home
  • Religion
  • Somnath Temple Facts: सोमनाथ मंदिर से 5 रोचक फैक्ट, जिन्हें जान आप भी कहेंगे ‘OMG’

Somnath Temple Facts: सोमनाथ मंदिर से 5 रोचक फैक्ट, जिन्हें जान आप भी कहेंगे ‘OMG’

Somnath Temple Facts: गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित सोमनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रथम है। इसका इतिहास भी काफी प्राचीन है। इतिहासकारों की मानें तो 17 बार विदेश आक्रांताओं ने इस मंदिर को न सिर्फ लूटा बल्कि ध्वस्त भी किया।

3 Min read
Author : Manish Meharele
Published : Jan 11 2026, 12:14 PM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
16
जानें सोमनाथ मंदिर से जुड़े 5 रोचक फैक्ट
Image Credit : Asianet News

जानें सोमनाथ मंदिर से जुड़े 5 रोचक फैक्ट

Somnath Temple Interesting Facts: शिव पुराण के अनुसार पूरे भारत वर्ष में 12 ज्योतिर्लिंग हैं। इनमें से सबसे पहला है गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित सोमनाथ। साल 2026 सोमनाथ मंदिर के दृष्टिकोण से बहुत ही खास है क्योंकि आज से करीब 1 हजार पहले यानी साल 1026 में ही महमूद गजनवी में इस मंदिर को ध्वस्त किया था। वहीं दूसरी वजह ये भी है कि वर्तमान में स्थित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को 75 वर्ष हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूर्ण होने को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व नाम दिया है। इस खास मौके पर जानिए सोमनाथ मंदिर से जुड़े 5 रोचक फैक्ट…


ये भी पढ़ें-
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
26
किसने स्थापित किया सोमनाथ ज्योतिर्लिंग?
Image Credit : Gujarat PR

किसने स्थापित किया सोमनाथ ज्योतिर्लिंग?

शिवपुराण के अनुसार चंद्रदेव को एक बार उनके ही ससुर दक्ष प्रजापति ने क्षय रोग होने का श्राप दे दिया, जिससे उनकी चमक मंद हो गई। तब इस रोग से मुक्ति पाने के लिए चंद्रदेव ने शिवलिंग की स्थापना कर महादेव को घोर तपस्या की। प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें इस रोग से मुक्त कर दिया। चंद्रमा का एक नाम सोम भी है। चंद्रमा द्वारा स्थापित शिवलिंग होने से ये सोमनाथ कहलाए। इसे संसार का पहला ज्योतिर्लिंग कहा जाता है।


ये भी पढ़ें-
Unique Temple: कहां है ‘सखी हनुमान मंदिर’? जहां स्त्री रूप में होती है बजरंगबली की पूजा

36
समुद्र नहीं लाघंता अपनी मर्यादा
Image Credit : Social media

समुद्र नहीं लाघंता अपनी मर्यादा

सोमनाथ मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में अरब सागर के किनारे पर स्थापित है। महासागर के इतने नजदीक होने के बावजूद भी आज तक समुद्र का पानी गर्भगृह तक नहीं आया। लोग इसे एक चमत्कार ही मानते हैं। विद्वानों का मानना है कि महादेव की कृपा से समुद्र कभी अपनी मर्यादा नहीं लांघ पाता। आज तक ये बात एक रहस्य बनी हुई है।

46
दक्षिण दिशा में दूर-दूर तक जमीन नहीं
Image Credit : Getty

दक्षिण दिशा में दूर-दूर तक जमीन नहीं

सोमनाथ मंदिर के पास ही बाण स्तंभ स्थापित है जिस पर संस्कृत में लिखा है आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव पर्यंत अबाधित ज्योतिरमार्ग और यही बात दूसरी ओर अंग्रेजी में भी लिखी है। इसका अर्थ है इस बिंदु से साउथ पोल तक सीधी रेखा में कोई अवरोध नहीं है। ये बात बिल्कुल सही भी है सोमनाथ से दक्षिण दिशा में लगभग 6000 किमी तक कोई भूमि नहीं आती।

56
द्वार को लेकर मतभेद
Image Credit : gujarat tourism

द्वार को लेकर मतभेद

कहते हैं कि जब मोहम्मद गजनबी ने सोमनाथ मंदिर को लूटा तो वो यहां से मंदिर के चंदन द्वार लूटकर अपने साथ अफगानिस्तान ले गया। ऐसा कहते हैं कि 1951 में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयास से दरवाजे पुन: भारत लाए गए थे लेकिन कुछ लोग इस बात को सही नहीं मानते है। सोमनाथ मंदिर के द्वारों को लेकर और भी कईं मत प्रचलित हैं।

66
7 या 17 कितनी बार टूटा मंदिर?
Image Credit : gujarat tourism

7 या 17 कितनी बार टूटा मंदिर?

सोमनाथ मंदिर के टूटने को लेकर भी अलग-अलग मत है। कुछ इतिहासकारों का कहना है कि सोमनाथ मंदिर 7 बार विदेश आक्रांताओं द्वारा तोड़ा गया वहीं कुछ का कहना है कि 17 बार इस मंदिर को ध्वस्त किया गया है। मंदिर तोड़ने की पहली घटना 725 ईसवी में हुई थी। तब सिंध के सूबेदार अल जुनैद ने अरब स्तता का विस्तार करने के उद्देश्य से ये मंदिर तोड़ा था।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

About the Author

MM
Manish Meharele
मनीष मेहरेले। मीडिया में 19 साल का अनुभव, अभी एशियानेट न्यूज हिंदी के डिजिटल में काम कर रहे हैं। महाभारत, रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों का अच्छा ज्ञान है। ज्योतिष-हस्तरेखा, उपाय, वास्तु, कुंडली जैसे टॉपिक पर पकड़ है। यह जीव विज्ञान में बीएससी स्नातक हैं । करियर की शुरुआत स्थानीय अखबार दैनिक अवंतिका से की। 2010 से 2019 तक दैनिक भास्कर डॉट कॉम में धर्म डेस्क पर काम किया है।
मंदिर
 
4th T20 • IND vs WI
Result
INDIND
223
WIWI
247/3
WI beat IND by 24 runs
Schedule ›
3rd T20 • PAK vs SL
Result
PAKPAK
168/8
SLSL
172/2
SL beat PAK by 8 wickets
Schedule ›
3rd T20 • IND vs WI
Result
INDIND
223
WIWI
209/7
IND beat WI by 14 runs
Schedule ›
2nd T20 • PAK vs SL
Result
PAKPAK
215/3
SLSL
133/7
PAK beat SL by 82 runs
Schedule ›
2nd T20 • IND vs WI
Result
INDIND
249/5
WIWI
252/4
WI beat IND by 6 wickets
Schedule ›
1st T20 • PAK vs SL
Result
PAKPAK
187/6
SLSL
182/8
PAK Won by 4 wickets
Schedule ›
1st TEST • SA vs AUS
Result
SASA
284 & 206
AUSAUS
390 & 314/6
AUS beat SA by 214 runs
Schedule ›
5th T20 • IND vs WI
INDIND
Sat, 17 Oct, 2026
WIWI
07:00 pm
Match yet to begin.
Schedule ›
2nd TEST • SA vs AUS
SASA
Sun, 18 Oct, 2026
AUSAUS
01:30 pm
Match yet to begin.
Schedule ›
3rd TEST • SA vs AUS
SASA
Tue, 27 Oct, 2026
AUSAUS
01:30 pm
Match yet to begin.
Schedule ›

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
Vijayadashami 2026: ‘आसछे बोछोर आबार होबे’ का क्या है मतलब? मां दुर्गा की विदाई पर क्यों कहते हैं बंगाली
Recommended image2
Durga Navmi 2026: 19 या 20 अक्टूबर, महानवमी कब है? जानें सही तारीख, मुहूर्त, उपाय और महत्व
Recommended image3
Shardiya Navratri Maha Navami Date 2026: महानवमी कब है? जानें पूजा, हवन और कन्या पूजन शुभ मुहूर्त
Recommended image4
Navratri 2026: मां दुर्गा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये फूल! पूजा से पहले जान लें नियम
Recommended image5
Dussehra 2026: कौन था शूर्पणखा का पति, जिसे रावण ने खुद उतारा था मौत के घाट?
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved