Ahoi Ashtami Special Songs: अहोई अष्टमी पर महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन अहोई माता की पूजा के साथ उनके भजन सुनना भी शुभ माना जाता है। यहां पढ़ें और सुनें अहोई अष्टमी के खास भजन।
Ahoi Ashtami Bhakti Geet: आज 1 नवंबर, रविवार को अहोई अष्टमी है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल जीवन की कामना से अहोई माता की पूजा करती हैं। पूजा के दौरान माता के भजन गाने और सुनने की भी परंपरा है। मान्यता है कि भक्ति भाव से माता का स्मरण करने से मन को शांति मिलती है। अगर आप भी अहोई अष्टमी पर माता की भक्ति में डूबना चाहते हैं, तो यहां सुनें अहोई माता के कुछ खास भजन…
अहोई माता अहोई माता पूजा स्वीकार कर लेना भजन लिरिक्स
अहोई माता अहोई माता पूजा स्वीकार कर लेना
मेरे बच्चों को सुख देना मेरे बच्चों को खुश रखना
अहोई माता अहोई माता
जिन्हें बच्चे ना हो माता उन्हें औलाद दे देना
सभी गम दूर हो उनके के सुख जीवन में आ जाए
अहोई माता अहोई माता
जिनकी झोली खाली है अपनी कृपा से भर देना
आंगन में किलकारी गूंजी के अपनी दया दिखा देना
अहोई माता अहोई माता
अगर बच्चे कभी भटके गलत राहों में मुड़ जाए
उन्हें सद्बुद्धि दे कर मां सही राह दिखा देना
अहोई माता अहोई माता
मेरे बच्चों के दामन को मां खुशियों से तुम भर देना
अहोई माता अहोई माता पूजा स्वीकार कर लेना
तुम्हरे हवाले किया मैंने गौरी मैया भजन लिरिक्स
तुम्हरे हवाले किया मैंने गौरी मैया
रखना तू इनका ख्याल माँ
तुम्हरे हवाले किया मैंने गौरी मैया
रखना तू इनका ख्याल माँ
रखा अहोई का व्रत मैंने विधिवत पूंजूँ
तोहे फैले फूले बाल गोपाल
रखा अष्टमी का व्रत मैंने विधिवत पूंजूँ
तोहे फैले फूले बाल गोपाल माँ
पहले श्री गणेश जी को
फिर लक्ष्मी जी को
वंदन करूं मैं अहोई अष्टमी को
करवा कलश लेकर
चांदी की अहोई लेकर
निर्जल करूं उपवास माँ
मैंने तुम्हरे हवाले किया हे गौरी मैया
रखना तू इनका ख्याल माँ
रखा अहोई का व्रत मैंने हे गौरी मैया
रखना तू इनका ख्याल माँ
तिलक अहोई को
सूर्य देवता को
करवे को तिलक करूँ
फिर चंद्रमा को
करना माँ पार्वती
हम पर दया तू
बच्चों को करना निहाल माँ
मैंने तुम्हरे हवाले किया हे गौरी मैया
रखना तू इनका ख्याल माँ
रखा अहोई का व्रत मैंने हे गौरी मैया
रखना तू इनका ख्याल माँ
तू ही ब्राह्मणी
तू ही रुद्राणी कमला
आये अनहोनी को होनी में बदलना
सांसों की थाली लाई
खुशबू की दिवाली
गिरतों को लेना सम्हाल माँ
रखा अहोई का व्रत मैंने विधिवत पूंजूँ
तोहे फैले फूले बाल गोपाल
रखा अष्टमी का व्रत मैंने विधिवत पूंजूँ
तोहे फैले फूले बाल गोपाल माँ

आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी भजन लिरिक्स
आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी।
हे मैया हे मैया,
सदा हो तेरी जय मैया,
मन की मुरादे मैं पाऊँगी,
आज अष्टमी की पूजा करवाऊँगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी ॥
छोटी छोटी कंजको को,
घर अपने बुलाऊंगी,
चरण धुलाऊं, तिलक लगाऊं,
चुनरी लाल उढ़ाऊंगी,
हे मैया हे मैया,
पार लगा मेरी नैया,
महिमा सदा मै तेरी गाऊँगी,
आज अष्टमी की पूजा करवाऊँगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी ॥
अष्टमी का दिन तो होता है,
मुरादे पाने का,
खोल के रखती द्वारा मैया,
ममता भरे खजाने का,
हे मैया हे मैया,
मै भी टलुंगी ना मैया,
झोली अपनी मैं भरवाउंगी,
आज अष्टमी की पूजा करवाऊँगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी ॥
अष्ट भुजाओ वाली माता,
अष्ट सिद्धियो का वर दे,
सत्य डगर पे चलने को,
जीवन मेरा सुन्दर कर दे,
हे मैया हे मैया,
पार लगा मेरी नैया,
महिमा सदा मै तेरी गाऊँगी,
आज अष्टमी की पूजा करवाऊँगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी ॥
वो है किस्मत वाले जिनको,
प्यार तेरा मिल जाता है,
उसका हो कल्याण तेरे,
मन को जो भा जाता है,
हे मैया हे मैया,
मेरी खबर भी ले मैया,
तेरा उपकार ना भुलाउंगी,
आज अष्टमी की पूजा करवाऊँगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी ॥
आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी।
हे मैया हे मैया,
सदा हो तेरी जय मैया,
मन की मुरादे मैं पाऊँगी,
आज अष्टमी की पूजा करवाऊँगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी ॥

जय अहोई माता, जय अहोई माता आरती लिरिक्स
जय अहोई माता, जय अहोई माता। तुमको निसदिन ध्यावतहर विष्णु विधाता।।
जय अहोई माता।।
ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमलातू ही है जगमाता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावतनारद ऋषि गाता।।
जय अहोई माता।।
माता रूप निरंजनसुख-सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावतनित मंगल पाता।।
जय अहोई माता।।
तू ही पाताल बसंती,तू ही है शुभदाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशकजगनिधि से त्राता।।
जय अहोई माता।।
जिस घर थारो वासावाहि में गुण आता।
कर न सके सोई कर लेमन नहीं धड़काता।।
जय अहोई माता।।
तुम बिन सुख न होवेन कोई पुत्र पाता।
खान-पान का वैभव तुम बिन नहीं आता।।
जय अहोई माता।।
शुभ गुण सुंदर युक्ताक्षीर निधि जाता।
रतन चतुर्दश तोकू कोई नहीं पाता।।
जय अहोई माता।।
श्री अहोई माँ की आरतीजो कोई गाता।
उर उमंग अति उपजे पाप उतर जाता।।
जय अहोई माता।।

अहोई माता की चालीसा लिरिक्स
॥ दोहा ॥
अहोई माता विनति सुनो, सेवक की रखो लाज।
संतान सुख समृद्धि दो, पूरण हो सब काज॥
॥ चौपाई ॥
जय अहोई अंबे जगदम्बा। सदा सहाय करो सुख कंबा॥
नारी तव व्रत करती प्यारी। सुत सुख पाए सदा सुखकारी॥
निर्धन धनी, हीन सुख पावे। दरिद्र मिटे, वैभव बरसावे॥
सिंहासिन तू जगत भवानी। भक्त बचावन वाली रानी॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावा। भक्त मनोवांछित फल पावा॥
पुत्रवती नारी सुख पावे। पुत्रहीन के पुत्र बसावे॥
सुख सम्पत्ति देहि जगदम्बा। दुख दरिद्र मिटे सब कंबा॥
अष्टमी तिथि व्रत जो नारी। करहि श्रद्धा सहित तैयारी॥
सदा सुहागिन वह नारी होई। कृपा करें जगजननि अहोई॥
॥ दोहा ॥
अहोई माता की कृपा, रहे सदा परिवार।
संतान सुख वैभव बढ़े, मिटे पाप संहार॥




