Sneezes Meaning: इस समय छींक आए तो होगा धन लाभ! जानें कब होता है अपशकुन?
शकुन शास्त्र: छींक से जुड़े शकुन-अपशकुन सदियों पुरानी मान्यताओं पर आधारित हैं। कुछ लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, तो ज्योतिष में इसे प्रकृति का एक चेतावनी संकेत माना जाता है। आइए जानते हैं कि छींक कब शुभ होती है और कब अशुभ।

छींक के बारे में क्या कहता है शकुन शास्त्र?
शकुन शास्त्र छींक से जुड़ी कई जानकारी और मतलब बताता है। कुछ लोग मानते हैं कि छींक आने का मतलब काम में रुकावट या असफलता है, लेकिन पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, छींक हमेशा बुरी नहीं होती। यह कुछ अच्छे संकेत भी देती है।
छींकना शुभ है या अशुभ?
शकुन शास्त्र के अनुसार, छींक की दिशा, समय और स्थिति को देखकर यह पता लगाया जाता है कि यह शुभ है या अशुभ। इसलिए कहा जाता है कि छींक को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए, छींक से जुड़े उन शुभ और अशुभ संकेतों के बारे में जानते हैं जो हमारी जिंदगी पर असर डालते हैं।
छींक को कब माना जाता है अपशकुन?
शकुन शास्त्र के अनुसार, कुछ स्थितियों में छींकना अशुभ संकेत देता है। अगर आप घर से बाहर निकल रहे हों और कोई अचानक छींक दे, तो इसे अपशकुन माना जाता है। ऐसे में आपको थोड़ी देर रुककर पानी पीकर फिर निकलना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, अगर घर में कोई महिला दूध उबालते समय छींक दे, तो यह परिवार के किसी सदस्य की बीमारी का संकेत देता है। बहस के दौरान किसी के छींकने से मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ सकता है। इसी तरह, घर से निकलते समय कुत्ते का छींकना किसी अनजान डर या मुसीबत का संकेत हो सकता है।
छींक कब बनती है किस्मत का संकेत?
हर छींक बुरी नहीं होती। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, कुछ छींकें खुशी और आर्थिक लाभ भी लाती हैं। अगर आप किसी खास काम के लिए निकल रहे हैं और गाय छींक दे, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है। यह 100% सफलता और अचानक धन लाभ का संकेत देता है।
दवाई लेते समय छींक आए तो?
शकुन शास्त्र के अनुसार, अगर कोई बीमार व्यक्ति दवाई लेते समय छींकता है, तो वह जल्द ही ठीक हो जाता है। इसके अलावा, अगर आपके बाईं ओर या पीठ के पीछे से छींक की आवाज आए, तो इसे शुभ माना जाता है और यह सफलता दिलाती है। बाजार में कुछ खरीदते समय छींकना फायदेमंद माना जाता है, उस चीज से भविष्य में और खुशी मिलती है।
छींक की संख्या भी है महत्वपूर्ण
शकुन शास्त्र के अनुसार, अगर एक के बजाय सम संख्या (2, 4, 6) में छींक आए, तो यह पहली छींक के बुरे असर को खत्म कर देती है और इसे शुभ माना जाता है। अगली बार जब आपको छींक आए, तो याद रखें कि कितनी बार और किस समय छींक आई है।
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