Diwali Shubh Muhurat: दिवाली 2026 पर गणेश-लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त कब है? जानें अमावस्या तिथि, वृषभ काल और मां लक्ष्मी के प्रिय भोग।
Diwali 2026 Lakshmi Puja: दिवाली का त्योहार 8 नवंबर को देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। मान्यता है कि कार्तिक महीने की अमावस्या की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। उनके स्वागत के लिए लोग अपने घरों और आंगन को दीपों से सजाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। साथ ही सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है। ऐसे में अगर आप भी आज दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करने जा रहे हैं, तो आपके लिए शुभ मुहूर्त जानना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का शुभ समय क्या है और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए कौन-सी चीजें विशेष रूप से प्रिय मानी जाती हैं।
Diwali 2026 Lakshmi Puja Muhurat: शाम 5:34 से शुरू हुआ शुभ समय
- दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए प्रदोष काल को सबसे शुभ समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान मां लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष फल मिलता है।
- दिवाली 2026 पर प्रदोष काल शाम 5 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। यानी भक्तों को लक्ष्मी पूजन के लिए करीब 2 घंटे 35 मिनट का समय मिलेगा।
- इसके अलावा शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक वृषभ काल रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वृषभ काल में मां लक्ष्मी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। ऐसे में भक्त इस समय के दौरान विधि-विधान से माता की आराधना कर सकते हैं।
Diwali 2026: अमावस्या तिथि और लक्ष्मी पूजा का पूरा मुहूर्त
- दिवाली पर पूजा-पाठ करने से पहले अमावस्या तिथि और अलग-अलग शुभ मुहूर्त की जानकारी होना जरूरी है। इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जा रही है। दिवाली 2026 के प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं।
- दिवाली की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार
- अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे
- अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर, रात 12:31 बजे
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 5:34 बजे से रात 8:09 बजे तक
- वृषभ काल: शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक
- निशीथ काल: रात 11:39 बजे से रात 12:31 बजे तक
इस दौरान भक्त अपनी सुविधा और शुभ मुहूर्त के अनुसार मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं।
Diwali Lakshmi Puja: मां लक्ष्मी के साथ क्यों की जाती है भगवान गणेश की पूजा?
- दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में मां लक्ष्मी को धन और संपत्ति की देवी माना जाता है। ज्योतिष में उनका संबंध शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है। उनकी पूजा करने से जीवन में धन, वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- वहीं, भगवान गणेश को बुद्धि और विवेक का देवता माना जाता है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी के साथ गणपति की पूजा करने से धन के साथ बुद्धि का भी आशीर्वाद मिलता है।
- इसका धार्मिक अर्थ यह है कि मां लक्ष्मी की कृपा से धन और संपत्ति मिलती है, लेकिन उस धन का सही इस्तेमाल करने के लिए बुद्धि और विवेक की जरूरत होती है। यह आशीर्वाद भगवान गणेश प्रदान करते हैं।
- इसके अलावा मां लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति को धन के साथ मान-सम्मान और यश भी प्राप्त होता है। उनकी पूजा को दांपत्य जीवन में सुख, शांति और खुशहाली के लिए भी शुभ माना जाता है।
Diwali Lakshmi Puja: मां लक्ष्मी को प्रिय हैं ये चीजें और भोग
1. कमल का फूल: कमल को मां लक्ष्मी का सबसे प्रिय पुष्प माना जाता है। दिवाली की पूजा में माता को कमल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
2. कमल गट्टे की माला: मां लक्ष्मी की पूजा और मंत्र जाप के लिए कमल गट्टे की माला का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं।
3. चावल की खीर: मां लक्ष्मी को चावल की खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। दिवाली की पूजा में भक्त इसे प्रसाद के रूप में अर्पित करते हैं।
4. मखाना: मखाना भी मां लक्ष्मी को प्रिय माना जाता है। इसे पूजा में शामिल करके माता को भोग लगाया जा सकता है।
5. खील और बताशे: दिवाली पर मां लक्ष्मी को खील और बताशे चढ़ाने की परंपरा काफी पुरानी है। इन्हें पूजा की सामग्री में विशेष स्थान दिया जाता है।
6. नारियल और मीठा पान: मां लक्ष्मी को नारियल और मीठा पान भी अर्पित किया जाता है। भक्त श्रद्धा के साथ इन चीजों का भोग लगाकर माता से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।














