Dussehra Shubh Sanket: दशहरे की सुबह कुछ चीजें दिखना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन्हें देखने से किस्मत चमक सकती है। जानिए ऐसी 4 चीजें, जिन्हें देखना शुभ होता है।
Dussehra Good Luck Signs: मंगलवार, 20 अक्टूबर को पूरे देश में विजयादशमी यानी दशहरे (Dussehra 2026) का पावन त्योहार है। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस पर्व को लेकर हमारे समाज में कई तरह की पुरानी मान्यताएं और शकुन-अपशकुन जुड़े हुए हैं। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दशहरे की सुबह अगर आपको अचानक कुछ खास चीजें दिख जाएं, तो ये बहुत बड़ा शुभ संकेत माना जाता है। इसका मतलब है कि जल्द ही आपकी किस्मत चमकने वाली है और धन-दौलत आपके घर आने वाली है। आइए जानते हैं कि वो 4 शुभ चीजें कौन सी हैं...
नीलकंठ पक्षी का दिखना
दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी (Neelkanth Bird) का दिखना सबसे ज्यादा लकी माना जाता है। नीलकंठ को भगवान शिव का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि भगवान राम ने भी रावण का वध करने से पहले नीलकंठ पक्षी के दर्शन किए थे। अगर आज सुबह आपको ये पक्षी दिख जाए, तो समझ लें कि आपके सभी बिगड़े काम बनने वाले हैं और भाग्य पूरी तरह आपका साथ देने वाला है।
पानी में तैरती मछली
अगर सुबह-सुबह आपको पानी में तैरती हुई मछली (Swimming Fish)4 दिख जाए, तो ये बेहद शुभ संकेत है। इसे सुख-समृद्धि, शांति और अचानक होने वाले धन लाभ से जोड़कर देखा जाता है। इसका मतलब है कि मां लक्ष्मी की आप पर कृपा होने वाली है और आर्थिक परेशानियां दूर होने वाली हैं।
बछड़े को दूध पिलाती गाय
हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। दशहरे की सुबह अगर आपको कोई गाय अपने बछड़े को दूध पिलाती हुई दिख जाए, तो ये घर में आने वाली किसी बड़ी खुशी, तरक्की और पॉजिटिविटी का इशारा माना जाता है। मान्यता है कि इसे देखने से घर-क्लेश दूर होते हैं।
पानी से भरा कलश या बर्तन
अगर दशहरे की सुबह घर से बाहर निकलते ही आपको पानी से भरा हुआ कलश या बर्तन ले जाता हुआ कोई व्यक्ति दिख जाए, तो इसे भी बंद किस्मत का ताला खुलने का संकेत माना जाता है। ये बताता है कि आप जिस काम के लिए जा रहे हैं या जो योजना बना रहे हैं, उसमें आपको सफलता मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, लोक श्रुतियों और ज्योतिष पर आधारित है। हम इसकी सत्यता या सटीकता की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करते हैं। किसी भी उपाय या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या ज्योतिषाचार्य की सलाह जरूर लें।








