Hal Shashthi Vrat Niyam: इस बार 2 सितंबर, बुधवार को हल षष्ठी व्रत किया जाएगा। इस व्रत में कुछ खास चीजों को खाने की मनाही होती है। जानें हल षष्ठी व्रत में क्या खाएं-क्या नहीं?
Hal Shashthi Vrat Mai Kya Nahi Kahye: हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल षष्ठी का व्रत रखा जाता है। इसे संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना से किया जाता है। यह व्रत खासतौर पर महिलाएं रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हल षष्ठी के दिन खान-पान से जुड़े कुछ खास नियम बताए गए हैं। इस दिन कुछ चीजों का सेवन करना मना होता है, जबकि कुछ चीजें व्रत में खाई जा सकती हैं। आइए जानते हैं हल षष्ठी व्रत में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए।
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हल षष्ठी व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
1. हल षष्ठी व्रत में हल से जुती व जमीन में उगे अनाज, फल और सब्जियां खाने की मनाही होती है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को इन चीजों से परहेज करना चाहिए।
2. इस दिन गाय के दूध और उससे बने उत्पाद जैसे दूध, दही, मक्खन आदि का सेवन नहीं किया जाता। हालांकि, भैंस के दूध से बनी चीजों को खाया जा सकता है।
3. हल षष्ठी के दिन घर में बनने वाले भोजन में लहसुन, प्याज और मूली जैसी चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। व्रत के नियमों के अनुसार इन चीजों से दूरी रखी जाती है।
4. मान्यता के अनुसार इस दिन दांत साफ करने के लिए टूथपेस्ट और ब्रश की जगह महुआ की दातून का इस्तेमाल करना चाहिए।
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हल षष्ठी व्रत में क्या खा सकती हैं महिलाएं?
1. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत में तालाब और पेड़-पौधों से मिलने वाली चीजों का सेवन किया जाता है। मखाने और फल इसका हिस्सा माने जाते हैं।
2. हल षष्ठी व्रत में भैंस के दूध, दही, घी और मक्खन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन चीजों को लेकर इस व्रत में मनाही नहीं मानी जाती।
3. इस दिन पसई या तिन्नी के चावल, करेमुआ की साग और महुआ का लाटा जैसे पारंपरिक पकवान बनाए और खाए जाते हैं।
4. हल षष्ठी व्रत में पानी पीने को लेकर कोई खास पाबंदी नहीं बताई गई है। व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार पानी पी सकती हैं।
हल षष्ठी व्रत का क्या है महत्व?
हल षष्ठी व्रत का धार्मिक महत्व काफी खास माना जाता है। मान्यता है कि द्वापर युग में इसी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। बलराम जी का प्रमुख अस्त्र हल था। इसी वजह से इस व्रत का नाम हल षष्ठी पड़ा और व्रत में हल से जुती जमीन में उगी चीजों के सेवन से परहेज किया जाता है। महिलाएं संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
