Parashurama Jayanti 2026 Date: हर साल वैशाख मास में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार ये पर्व अप्रैल 2026 में मनाया जाएगा। ऐसा कहते हैं कि भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं और किसी अज्ञात स्थान पर तपस्या कर रहे हैं।

Kab Hai Parashurama Jayanti: भगवान विष्णु ने अधर्म के नाश के लिए अनेक अवतार लिए, परशुराम भी इन अवतारों में से एक हैं। भगवान परशुराम का वर्णन रामायण और महाभारत दोनों में मिलता है। एक मान्यता ये भी है कि भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं और वे कलयुग के अंत सभी को दिखाई देंगे। हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान परशुराम को जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार ये तिथि 2 दिन होने से लोगों के मन में कन्फ्यूजन है कि ये उत्सव कब मनाएं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए कब है परशुराम जयंती…

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परशुराम जयंती 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल, रविवार की सुबह 10 बजकर 49 मिनिट से शुरू होगी जो अगले दिन यानी 20 अप्रैल, सोमवार की सुबह 07 बजकर 27 मिनिट तक रहेगी। विद्वानों का कहना है कि भगवान परशुराम का जन्म संध्या काल यानी शाम को हो हुआ था और ये स्थिति 19 अप्रैल को बन रही है, इसलिए इसी दिन ये पर्व मनाया जाएगा। इस दिन त्रिपुष्कर, गजकेसरी और मालव्य योग होने से इस पर्व का महत्व और अधिक हो गया है।

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परशुराम जयंती 2026 शुभ मुहूर्त

सुबह 07:41 से 09:16 तक
सुबह 09:16 से 10:51 तक
दोपहर 12:00 से 12:51 तक
दोपहर 02:00 से 03:35 तक
शाम 06:45 से 08:10 तक

क्या आज भी जीवित हैं भगवान परशुराम?

धर्म ग्रंथों में एक श्लोक मिलता है, जिसमें अष्ट चिरंजीवियों के बारे में बताया गया है यानी वे 8 महापुरुष जो अमर हैं। इनमें भगवान परशुराम का नाम भी है। ऐसी मान्यता है कि भगवान परशुराम महेंद्र पर्वत पर वास करते हैं और कलयुग के अंत में वे दुष्टों का वध करेंगे।
अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः।
कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः॥
सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्।
जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित।।
अर्थ- अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, भगवान परशुराम और मार्कंडेय ये आठों अमर हैं। इनका रोज स्मरण करने से अच्छी सेहत, लंबी उम्र और सुख समृद्धि मिलती है।