Kali Puja 2026 Date and Time: काली पूजा 2026 इस साल 8 नवंबर को मनाई जा रही है। जानें मां काली की पूजा का शुभ मुहूर्त, निशिता काल, अमावस्या तिथि और पूजा का धार्मिक महत्व।
Kali Puja 2026: दीपावली का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम और ओडिशा समेत कई राज्यों में दिवाली की रात मां काली की विशेष पूजा की जाती है। इसे काली पूजा या श्यामा पूजा के नाम से जाना जाता है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि साल 2026 में काली पूजा कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और अमावस्या तिथि कब से कब तक रहेगी, तो यहां जानिए पूरी डिटेल।
काली पूजा 2026 कब है? (Kali Puja 2026 Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में काली पूजा रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी। यह पर्व कार्तिक अमावस्या की रात मनाया जाता है। इस दिन मां काली की विशेष आराधना की जाती है। खास बात यह है कि इस साल काली पूजा और दिवाली एक ही दिन पड़ रही हैं।
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काली पूजा 2026 शुभ मुहूर्त (Kali Puja 2026 Shubh Muhurat)
काली पूजा में निशिता काल यानी आधी रात के समय का विशेष महत्व माना जाता है। इसी दौरान मां काली की पूजा की जाती है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार पूजा का निशिता काल इस प्रकार है-
- काली पूजा की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार
- निशिता काल मुहूर्त: रात 11:07 बजे से 11:58 बजे तक
- अमावस्या तिथि शुरू: 8 नवंबर, सुबह 11:29 बजे के आसपास
- अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर, दोपहर 12:33 बजे के आसपास
क्यों की जाती है मां काली की पूजा?
मां काली को शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां काली की आराधना करने से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। भक्त इस दिन मां को फूल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं।
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कहां खास होती है काली पूजा?
पश्चिम बंगाल में काली पूजा का विशेष उत्साह देखने को मिलता है। इसके अलावा झारखंड, असम और ओडिशा में भी श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से यह पर्व मनाते हैं। मंदिरों और पूजा पंडालों में विशेष आयोजन किए जाते हैं।
नोट: पूजा करने से पहले अपने स्थानीय पुजारी या पंचांग से मुहूर्त की पुष्टि जरूर कर लें।




