Karwa Chauth Story In Hindi: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व का महिलाओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत करती हैं।

Karwa Chauth Ki Katha in Hindi: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं। इस साल करवा चौथ का पर्व 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि व्रत के दौरान करवा चौथ की कथा सुनना भी जरूरी होता है। आगे पढ़िए करवा चौथ की प्रचलित कथा…

करवा चौथ व्रत की कथा

प्राचीन समय में एक गांव में वेद शर्मा नाम के ब्राह्मण रहते थे। उनके सात बेटे और एक बेटी थी, जिसका नाम वीरावती था। वीरावती अपने माता-पिता और भाइयों की बहुत लाड़ली थी। जब वह बड़ी हुई तो उसका विवाह एक योग्य युवक से कर दिया गया।

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विवाह के बाद वीरावती का पहला करवा चौथ आया। उसने अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए पूरे नियम से व्रत रखा। लेकिन बचपन से सुख-सुविधाओं में पली होने के कारण वह ज्यादा देर तक भूख-प्यास सहन नहीं कर पाई। व्रत के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी।

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अपनी बहन को इस हाल में देखकर उसके सातों भाई परेशान हो गए। वे उससे बहुत प्यार करते थे और उसे भूखा-प्यासा नहीं देख पा रहे थे। इसलिए उन्होंने एक तरकीब निकाली। भाइयों ने एक पेड़ के पीछे मशाल जलाई और वीरावती से कहा कि चांद निकल आया है। उनकी बात पर भरोसा करके वीरावती ने चंद्रोदय मान लिया और भोजन कर लिया।
मान्यता के अनुसार, व्रत बीच में खोलने के कारण उसके पति की मृत्यु हो गई। जब वीरावती को इस घटना का पता चला तो वह दुख से टूट गई। उसने अन्न-जल त्याग दिया और अपने पति के शोक में विलाप करने लगी।
उसी रात देवराज इंद्र की पत्नी इंद्राणी पृथ्वी पर आईं। वीरावती की हालत देखकर उन्होंने उससे दुख का कारण पूछा। वीरावती ने उन्हें पूरी घटना बता दी। तब इंद्राणी ने उसे अगली बार करवा चौथ का व्रत पूरे विधि-विधान से करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि व्रत के प्रभाव से उसका पति दोबारा जीवित हो सकता है।
वीरावती ने इंद्राणी की बात मानी और अगले करवा चौथ पर पूरी श्रद्धा से व्रत रखा। धार्मिक कथा के अनुसार, व्रत के प्रभाव से उसका पति फिर से जीवित हो गया। इसके बाद वीरावती ने लंबे समय तक सुखी वैवाहिक जीवन बिताया।


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