Magh Gupt Navratri 2026: इन दिनों माघ मास की गुप्त नवरात्रि चल रही है। ये नवरात्रि तंत्र-मंत्र जैसे गुप्त सिद्धियों के लिए प्रसिद्ध है, इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इस नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व है।
Magh Gupt Navratri 2026 Upay: धर्म ग्रंथों के अनुसार एक साल में 4 नवरात्रि होती है, इनमें से 2 प्रकट और 2 गुप्त नवरात्रि होती है। इनमें से एक गुप्त नवरात्रि माघ मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है। इस बार माघ मास की की गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू हो चुकी है जो 27 जनवरी तक मनाई जाएगी। इस गुप्त नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि सिद्धियां पाने के लिए बहुत खास मानी गई है। जानें कब है ये तिथियां और इस दिन कौन-से उपाय कर सकते हैं…
ये भी पढ़ें-
Surya Grahan 2026: क्या भारत में माना जाएगा फरवरी में होने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक?
जानें माघी गुप्त नवरात्रि 2026 की अष्टमी-नवमी की सही डेट
पंचांग के अनुसार, माघी गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि 26 जनवरी, सोमवार को है, इस तिथि पर देवी महागौरी की पूजा की जाती है। वहीं गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि 27 जनवरी, मंगलवार को है, इस तिथि की मुख्य देवी सिद्धिदात्री हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में 9 दिन की गई साधना का फल इन 2 दिनों में ही प्राप्त होता है। इसलिए इन तिथियों को बहुत ही खास मानते हैं।
ये भी पढ़ें-
Astro Tips: 4 चीजें लेकर करें नए घर में प्रवेश, बनी रहेगी सुख-समृद्धि
गुप्त नवरात्रि के उपाय
1. गुप्त नवरात्रि की अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन करें। इससे देवी की कृपा आप पर बनी रहेगी।
2. गुप्त नवरात्रि में देवी के मंत्रों का जाप करना भी बहुत शुभ माना गया है। इससे गुप्त सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
3. केसर युक्त दूध से देवी की प्रतिमा का अभिषेक करें। ऐसा करते समय दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का जाप भी करें।
4. किसी योग्य ज्योतिषी से पूछकर गुप्त नवरात्रि में राशि अनुसार उपाय भी कर सकते हैं। इससे भी लाभ होगा।
5. गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर देवी को नारियल का और नवमी तिथि पर विभिन्न प्रकार के अनाजों का भोग लगाएं, साथ ही इनका दान भी करें। इसे उपाय से भी आपके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
6. गुप्त नवरात्रि की अष्टमी या नवमी में से किसी भी एक तिथि पर माता का जगराता करें। रात पर भजन-कीर्तन करके देवी को प्रसन्न करें।
7. गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिनों में दान का भी विशेष महत्व है। इन तिथियों पर अपनी इच्छा अनुसार वस्तुओं का दान करें।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
