Navratri Day 2 Colour: इस बार शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 से 20 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इन सभी दिनों में देवी के एक विशेष रूप की पूजा की जाएगी। इन 9 दिनों में अलग-अलग रंग के कपड़े पहनने का भी विशेष महत्व है।
Day 2 Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होती है। इस दिन भक्त माता की पूजा करने के साथ उनके मंत्रों और आरती का पाठ करते हैं। इस बार ये तिथि 12 अक्टूबर, सोमवार को है। नवरात्रि के दौरान हर दिन के रंग को लेकर भी लोगों में काफी उत्सुकता रहती है। ऐसे में अगर आप जानना चाहते हैं कि दूसरे दिन कौन-सा रंग पहनना चाहिए, मां ब्रह्मचारिणी की आरती कैसे करें और इस दिन का क्या महत्व है, तो यहां जानिए पूरी जानकारी…
नवरात्रि के दूसरे दिन किस रंग के कपड़े पहनें? (Navratri Day 2 Colour)
प्रचलित मान्यता के अनुसार नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग के कपड़े पहनने चाहिए क्योंकि देवी ब्रह्मचारिणी भी श्वेत वस्त्र ही धारण करती हैं। ये रंग शांति और तपस्या का प्रतीक है। देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की। देवी के इसी रूप के ब्रह्मचारिणी कहा गया। इसलिए नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद वस्त्र पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है।
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नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
मां ब्रह्मचारिणी को तप, संयम और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दूसरे दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें और पूजा स्थल पर माता की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। दीपक जलाएं, फूल और फल अर्पित करें तथा श्रद्धापूर्वक मां का ध्यान करें। इसके बाद माता के मंत्रों का जाप और आरती कर सकते हैं।
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मां ब्रह्मचारिणी की आरती (Brahmacharini Mata Ki Aarti)
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
