Diwali 2025 Date: हर बार कार्तिक मास की अमावस्या पर दिवाली मनाई जाती है, मगर इस बार ये तिथि 2 दिन रहेगी। इस वजह से लोगों के मन में दिवाली की सही डेट को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है।

Kab Hai Diwali 2025: दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। हर साल ये पर्व कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। लेकिन इस बार दिवाली की डेट को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है क्योंकि कार्तिक अमावस्या एक नहीं बल्कि 2 दिन रहेगी। इसे लेकर विद्वानों का अलग-अलग मत है। यहां तक की पंचांग और कैलेंडरों में भी दिवाली की डेट को लेकर भिन्नता आ रही है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानें दिवाली 2025 की सही डेट…

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कब से कब तक रहेगी कार्तिक अमावस्या तिथि?

इस बार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर, सोमवार की दोपहर 03 बजकर 45 से शुरू हो जाएगी और अगले दिन यानी 21 अक्टूबर, मंगलवार की शाम 05 बजकर 54 मिनिट तक रहेगी। इस तरह अमावस्या तिथि 21 और 22 अक्टूबर, दोनों दिन रहेगी, जिसके चलते ज्योतिषियों में दिवाली डेट को लेकर मतभेद की स्थिति बन रही है।

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क्या है दिवाली 2025 की सही डेट?

ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, दिवाली पर देवी लक्ष्मी का पूजन प्रदोष काल यानी शाम को और रात में करने का महत्व है। 20 अक्टूबर, सोमवार को कार्तिक अमावस्या तिथि दोपहर 03.45 से शुरू हो जाएगी जो पूरी रात रहेगी। यानी दिवाली का रात्रि पूजन 20 अक्टूबर को करना ही श्रेष्ठ रहेगा। इसलिए इसी दिन दिवाली पर्व मनाया जाना शास्त्र सम्मत है।

2 दिन अमावस्या हो तो, कब मनाएं दिवाली?

निर्णय सिंधु और धर्म सिंधु ग्रंथ के अनुसार, जब भी 2 दिन कार्तिक अमावस्या का संयोग बने तो दिवाली पर्व उस दिन मनाना चाहिए जब शाम और रात्रि में अमावस्या का संयोग बने, उसी दिन लक्ष्मी पूजन करना शुभ होता है। ये स्थिति 21 अक्टूबर, सोमवार को बन रही है। इसलिए दीपावली मनाने के लिए यही डेट सही है।

6 दिन मनाया जाएगा दिवाली उत्सव

कार्तिक अमावस्या तिथि 2 दिन होने से दिवाली उत्सव इस बार 5 नहीं बल्कि 6 दिनों को होगा। क्योंकि दिवाली के दूसरे दिन भी अमावस्या तिथि होने से गोवर्धन पूजा का पर्व इसके अगले दिन यानी 22 अक्टूबर, बुधवार को मनाया जाएगा। इस बार 18 अक्टूबर को धनतेरस, 19 अक्टूबर को रूप चतुर्दशी, 20 अक्टूबर को दिवाली, 21 अक्टूबर को स्नान-दान अमावस्या, 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और 23 अक्टूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।