Mysterious Women Of Mahabharata: महाभारत की कथा बहुत ही रोचक है, इसमें कई ऐसे पात्र हैं, जिनके बारे में कम ही लोगों का पता है। इनमें कई रहस्यमयी महिलाएं भी शामिल हैं। ये महिलाओं की महाभारत में खास भूमिका है। 

उज्जैन. महाभारत में अनेक महिलाओं के बारे में बताया गया है। इनमें से प्रमुख महिलाओं जैसे सत्यवती, द्रौपदी, कुंती और गांधारी आदि के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन महाभारत में कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं, जिनके बारे में कम ही लोगों को पता है। (Mysterious Women Of Mahabharata) इन महिलाओं के बारे में अधिक जानकारी तो नहीं मिलती है, लेकिन फिर भी कुछ मौकों पर इन महिलाओं की महाभारत में बड़ी भूमिकाएं बताई गई हैं। आगे जानिए इन महिलाओं के बारे में खास बातें…

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मणिपुर की राजकुमारी चित्रांगदा
ये मणिपुर की राजकुमारी और अर्जुन की पत्नी थी। वनवास के दौरान अर्जुन ने इनसे विवाह किया था। इनका पुत्र बभ्रुवाहन अत्यंत पराक्रमी था। जब युधिष्ठिर ने अश्वमेध यत्र किया तो वो घोड़ा घूमते हुए मणिपुर आ गया। यहां अर्जुन और उनके पुत्र बभ्रुवाहन के बीच भयानक युद्ध हुआ। इस युद्ध में बभ्रुवाहन ने अर्जुन का वध कर दिया था।

नाग कन्या उलूपी
उलूपी एक नागकन्या थी, जिसका विवाह अर्जुन से हुआ था। महाभारत के अनुसार, जब अपने पुत्र बभ्रुवाहन के हाथों अर्जुन मारे गए तो दिव्य मणि से उलूपी ने ही अर्जुन को पुनर्जीवित किया था। उलूपी के बारे में महाभारत में अधिक वर्णन तो नहीं मिलता, लेकिन अर्जुन को पुनर्जीवित करने में इसी नागकन्या का योगदान रहा।

दुर्योधन की पत्नी भानुमती
ये कंबोज राज्य की राजकुमारी थी और दुर्योधन की पत्नी भी। भानुमति को युद्ध आदि सभी कलाओं का इन्हें अच्छे से ज्ञान था। कुछ ग्रंथों में ये भी लिखा गया है कि भानुमति मल्लयुद्ध में भी पारंगत थी। इनकी पुत्री लक्ष्मणा का विवाह श्रीकृष्ण के पुत्र सांब से हुआ था।

तंत्र-मंत्र में माहिर थी राक्षसी हिडिंबा
हिडिंबा राक्षस की बहन थी हिडिंबा। ये भीम की पत्नी और घटोत्कच की माता थीं। राक्षस जाति की होने के कारण ये तंत्र-मंत्र आदि क्रियाएं बहुत अच्छे से जानती थी। हिडिंबा का एक मंदिर हिमाचल में स्थित है, जहां इनकी पूजा होती है। इस मंदिर में जानवरों के सींग ही सींग दिखाई देते हैं।

घटोत्कच की पत्नी मोरबी
महाभारत में मोरबी के बारे में भी अधिक जानकारी नहीं है, लेकिन इन्हें तंत्र-मंत्र की जानकार और घटोत्कच की पत्नी बताया गया है। मोरबी को युद्ध में हराकर ही घटोत्कच ने उनसे विवाह किया था। इनके पुत्र का नाम बर्बरीक था, जिनकी पूजा आज श्याम के नाम से की जाती है।



ये भी पढ़ें-

Surya Gochar April 2023: 14 अप्रैल को सूर्य बदलेगा राशि, 5 राशि वालों को मिलेगा पैसा-सम्मान और किस्मत का साथ


Hindu Traditions: शिवलिंग के ऊपर बांधी जाने वाली मटकी को क्या कहते हैं, इसे कब और क्यों बांधते हैं?


Char Dham Yatra Registration: अब एक फोन पर करें चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन, सरकार ने शुरू की नई सुविधा



Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।