Operation Sindoor: गुरुवार को पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। जवाबी कार्यवाही में भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान के कुछ इलाकों में जोरदार बमबारी की। भारत-पाक की स्थिति अब युद्ध में बदलती जा रही है।  

Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लांच किया जिसमें पाकिस्तान के कईं आतंकी ठिकानों को निशान बनाया गया। इसके बाद से ही दोनों देशों में अघोषित युद्ध की स्थिति बनी हुई है। गुरुवार को पाकिस्तान ने भारत के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। जबाव में भारतीय सेना द्वारा इस्लामाबाद और लाहौर पर बमबारी करने की खबरें आ रही हैं। भारत-पाक के बीच ये अघोषित युद्ध शुक्र-शनि और राहु की युति में शुरू हुआ है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए इस भारत-पाक के अघोषित युद्ध का ज्योतिषिय विश्लेषण…

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

POK वापस ले सकता है भारत

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा के अनुसार, वर्तमान में शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में शनि और राहु के साथ में स्थित है। ग्रहों की ये स्थिति बताती है कि भारत-पाक का ये अघोषित युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। बहुत ही जल्द पाकिस्तान घुटनों पर आ जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हो सकता है। संभव है कि POK भारत में शामिल हो जाए। हालांकि भारत के लिए भी ये स्थिति थोड़ी चिंताजनक रहेगी लेकिन फिर भी ग्रहों की ये युति बता रही है कि भारत के पराक्रम में वृद्धि होगी।

क्या कहती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली?

वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली के पंचम भाव में राहु स्थित है जो थोड़ी परेशानी के बाद उन्हें विजय निश्चित दिलाएगा। उनकी राशि वृश्चिक का स्वामी मंगल है जो नवग्रहों में सेनापति कहलाता है। पीएम मोदी की कुंडली पर 2028 तक इसकी दशा रहेगी। लग्नेश मंगल जो स्वयं युद्ध का कारक माना जाता है, इसलिए निश्चित रूप से पीएम मोदी का कद इस युद्ध के बाद और ऊंचा होगा। वहीं सूर्य और केतु की युति किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप से युद्ध के लंबे खींचने या बिना किसी परिणाम के अंत होने की ओर इशारा कर रही है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।