Unique Temple: छत्तीसगढ़ में एक ऐसा मंदिर है जहां मामा-भाजा साथ में दर्शन नहीं कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो उनके जीवन में कोई अनहोनी घटना होने का आशंका बढ़ जाती है। ऐसी इस मंदिर से जुड़ी मान्यता है।

Mama Bhanja Temple Chhattigarh: भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है। यहां ऐसे अनेक मंदिर हैं जिनसे कोई न कोई रोचक मान्यता जुड़ी हुई है। ऐसा ही एक मंदिर छत्तीसगढ़ में भी है। ऐसा कहते हैं इस मंदिर में मामा-भांजा साथ में दर्शन नहीं कर सकते, अगर वे ऐसा करते हैं तो उनके जीवन में परेशानी बढ़ सकती है या उनके साथ कोई अशुभ घटना होने का भय रहता है। यही कारण है कि इस मंदिर में मामा-भांजा साथ में नहीं आते। इस मंदिर से जुड़ी और भी रोचक बातें हैं। आगे जानिए इस मंदिर के बारे में…

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किस मंदिर में मामा-भांजा साथ में नहीं कर सकते दर्शन?

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बारसूर नाम का एक स्थान है। ये स्थान कभी छिंदक नागवंशियों की राजधानी हुआ करता था। यहां अनेक प्राचीन मंदिर हैं, इन्हीं में एक मंदिर ये भी है, जहां मामा-भांजा साथ में दर्शन नहीं कर सकते। ये मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर की सुदंरता देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है। खजुराहो शैली में बनी इस तरह की नक्काशी बहुत कम मंदिरों में देखने को मिलती है।

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ये है मंदिर से जुड़ी रोचक कथा

इस मंदिर से जुड़ी एक रोचक कथा भी है, उसके अनुसार ‘इस मंदिर का निर्माण दो कारीगरों ने किया था, जो आपस में मामा-भांजे थे। उन दोनों ने ये संकल्प लिया था कि वे एक ऐसा मंदिर बनाएंगे जिसकी सुंदरता लोग देखते ही रह जाएंगे।
उन दोनों ने यह भी तय किया कि जो भी मंदिर का काम पहले पूरा करेगा उसे इतिहास का महान शिल्पकार माना जाएगा। युवा भांजे ने अपनी चतुराई और कुशलता से मामा से पहले मंदिर का काम पूरा कर लिया।
मामा ने जब ये देखा तो वह आगबबूला हो गया और क्रोध में आकर उसने भांजे का सिर काट दिया। क्रोध शांत होने पर उसे अपने किए पर बहुत पछतावा हुआ। लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था।
जब ये बात लोगों को पता चली तो उन्होंने ये नियम बना दिया कि इस मंदिर में मामा-भांजा कभी साथ में प्रवेश नहीं करेंगे।तभी से ये नियम चला आ रहा है कि इस मंदिर में मामा-भांजे साथ में दर्शन नहीं करते।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।