Vat Savitri Vrat 2025: हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत किया जाता है। इस बार ज्येष्ठ मास की अमावस्या 2 दिन रहेगी। जानें कब करें वट सावित्री व्रत 2025? 

Vat Savitri Vrat 2025: धर्म ग्रंथों के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या बहुत खास होती है क्योंकि इस दिन वट सावित्री व्रत किया जाता है। मान्यता है कि वट सावित्री व्रत करने से सौभाग्य अखंड रहता है, पति की उम्र लंबी होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसलिए महिलाएं ये व्रत बहुत ही श्रद्धा और विश्वास के साथ करती हैं। साल 2025 में ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 2 दिन रहेगी, जिसके चलते लोगों के मन में इस व्रत को लेकर संशय की स्थिति बन रही है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए 2025 में कब करें वट सावित्री व्रत…

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कब से कब तक रहेगी ज्येष्ठ अमावस्या?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 26 मई, सोमवार की दोपहर 12 बजकर 12 मिनिट से शुरू होगी जो 27 मई, मंगलवार की सुबह 08 बजकर 32 मिनिट तक रहेगी। इस तरह 2 दिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या का संयोग बन रहा है। इसलिए लोगों के मन में ये संशय है कि वट सावित्री का व्रत कब करें।

कब करें वट सावित्री व्रत 2025?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, चूंकि वट सावित्री व्रत की पूजा दोपहर में की जाती है और ये स्थिति 26 मई, सोमवार को बन रही है, इसलिए वट सावित्री का व्रत 26 मई, सोमवार को ही किया जाएगा। इस दिन श्राद्ध की अमावस्या भी मानी जाएगी।

क्यों करते हैं वट सावित्री व्रत?

धर्म ग्रंथों के अनुसार, भद्र देश पर राजा अश्वपति बहुत पराक्रमी थे। उनकी एक ही पुत्री थी, जिसका नाम सावित्री था। सावित्री का विवाह राजा द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान से हुआ लेकिन दुश्मनों के हाथों मिली हार के कारण वे अपने परिवार के साथ जंगल में रहने लगे। नारद मुनि से सावित्री को ये पहले ही बता दिया था कि सत्यवान की आयु कम है। जब सत्यवान की मृत्यु का समय आया तो सावित्री भी उसके साथ जंगल में गई। वहां जैसे ही सत्यवान की मृत्यु हुई तो यमराज सत्यवान के प्राण उसके शरीर से निकालकर ले जाने लगे। ये देख सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चलने लगी। थक-हार कर यमराज ने सावित्री को कई वरदान दिए और सत्यवान के प्राण भी छोड़ने पड़े। उस दिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि थी, तभी से इस तिथि पर वट सावित्री व्रत किया जाता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।