Garuda Purana: मौत के बाद आत्मा 13 दिन तक कहां रहती है? जानें क्या कहता है गरुड़ पुराण
गरुड़ पुराण के मुताबिक, किसी व्यक्ति की मौत के बाद आत्मा तुरंत धरती नहीं छोड़ती। पहले 13 दिनों तक वह अपने घर के आसपास ही रहती है। पिंडदान और दूसरे rituals से ताकत लेकर, वह यमलोक की अपनी आखिरी यात्रा शुरू करती है।

गरुड़ पुराण

18 महापुराण
पहला 24 घंटा
पहले 10 दिन
11वां और 12वां दिन
13वां दिन
13 दिन का सूतक
मरने के पहले दिन यमलोक जाकर लौटने वाली आत्मा, 13 दिनों तक अपने घर में ही रहती है। 13वें दिन के rituals पूरे होने के बाद, वह घर को पूरी तरह से छोड़कर अपनी अंतिम यात्रा शुरू करती है। इसी वजह से 13 दिनों का सूतक मनाया जाता है और सभी rituals पूरे किए जाते हैं। जिस घर में मौत हुई हो, वहां 13 दिनों तक साफ-सफाई रखनी चाहिए। सुबह जल्दी उठकर नहाना चाहिए। रात में रोने से बचना चाहिए और मरे हुए व्यक्ति को बार-बार पुकारना नहीं चाहिए। ऐसा करने से मृत आत्मा को कष्ट हो सकता है।
आत्मा की मुक्ति के लिए श्रद्धा से करें पूजा
13 दिनों तक मरे हुए व्यक्ति को मन से याद करके उसकी आत्मा की मुक्ति के लिए श्रद्धा से पूजा करनी चाहिए। इस दौरान शराब, सिगरेट और मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए। मरे हुए व्यक्ति का पसंदीदा भोजन और पकवान बनाकर नैवेद्य चढ़ाना चाहिए और दीपक जलाकर पूजा करनी चाहिए। उन्हें याद करके रोना या उन्हें वापस आने के लिए पुकारना उस आत्मा को दुख पहुंचाता है। इससे धरती पर उनका मोह कम नहीं होता, बल्कि आत्मा को शांति मिलने की बजाय दुख बढ़ सकता है।
नोट: यह विषय धार्मिक मान्यताओं और गरुड़ पुराण में दिए गए तथ्यों पर आधारित है।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।