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  • Garuda Purana: मौत के बाद आत्मा 13 दिन तक कहां रहती है? जानें क्या कहता है गरुड़ पुराण

Garuda Purana: मौत के बाद आत्मा 13 दिन तक कहां रहती है? जानें क्या कहता है गरुड़ पुराण

गरुड़ पुराण के मुताबिक, किसी व्यक्ति की मौत के बाद आत्मा तुरंत धरती नहीं छोड़ती। पहले 13 दिनों तक वह अपने घर के आसपास ही रहती है। पिंडदान और दूसरे rituals से ताकत लेकर, वह यमलोक की अपनी आखिरी यात्रा शुरू करती है।

4 Min read
Author : Manish Meharele
Published : Jul 03 2026, 07:28 AM IST
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गरुड़ पुराण
Image Credit : Getty

गरुड़ पुराण

इस दुनिया में पैदा हुए हर जीव को एक न एक दिन मरना ही है। यह प्रकृति का नियम है। मौत का नाम सुनते ही दिल दहल जाता है। मौत के बाद होने वाली हर घटना रहस्यमयी है। किसी व्यक्ति की मौत के बाद क्या होता है, यह कोई नहीं जानता। एक जीव के मरने के बाद, उस आत्मा की यात्रा शुरू होती है। गरुड़ पुराण इस बारे में कई जानकारियां देता है।
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18 महापुराण
Image Credit : AI Generated

18 महापुराण

हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में गरुड़ पुराण भी एक है। इसमें बताया गया है कि किसी व्यक्ति की मौत के बाद क्या होता है। यह पुराण आत्मा की यात्रा और उसकी गतिविधियों के बारे में कई बातें बताता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, मौत के बाद व्यक्ति की आत्मा तुरंत घर को हमेशा के लिए नहीं छोड़ती। शरीर नष्ट हो जाने के बाद भी, परिवार और घर से मोह के कारण आत्मा कुछ दिनों तक वहीं भटकती रहती है।
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पहला 24 घंटा
Image Credit : AI Generated

पहला 24 घंटा

जब कोई व्यक्ति मरता है, तो यमदूत तुरंत उसकी आत्मा को पकड़कर यमलोक ले जाते हैं। वहां चित्रगुप्त आत्मा के पाप-पुण्य का हिसाब-किताब देखते हैं। यह पहली यात्रा बहुत कम समय की होती है। हिसाब देखने के बाद, यमदूत आत्मा को वापस उसके अपने घर लाकर छोड़ देते हैं। यह पूरी घटना व्यक्ति की मौत के पहले 24 घंटों के अंदर हो जाती है।
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पहले 10 दिन
Image Credit : AI Generated

पहले 10 दिन

घर लौटने के बाद आत्मा अपने शरीर की जली हुई राख या दफनाई गई जगह के पास और अपने घर के चारों ओर घूमती है। इन दिनों में, आत्मा के पास केवल एक सूक्ष्म शरीर होता है। परिवार वाले जो पिंडदान और अन्य क्रियाएं करते हैं, वही उस आत्मा का भोजन बनता है और अगली यात्रा के लिए ताकत में बदल जाता है। यह प्रक्रिया व्यक्ति की मौत के 10 दिनों तक चलती है।
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11वां और 12वां दिन
Image Credit : Gemini Generate Image

11वां और 12वां दिन

व्यक्ति की मौत के 11वें और 12वें दिन किए जाने वाले विशेष rituals, दान और दूसरे कामों से आत्मा अपनी भूख मिटाती है। इससे वह धीरे-धीरे धरती से अपना मोह छोड़ना शुरू कर देती है। यह दिखाता है कि आत्मा यमलोक की यात्रा के लिए तैयार हो रही है। इस दौरान की जाने वाली पूजा और शाम को जलाए जाने वाले दीपक की रोशनी की मदद से आत्मा खुद को यमलोक की यात्रा के लिए तैयार करती है।
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13वां दिन
Image Credit : Gemini Generate Image

13वां दिन

गरुड़ पुराण के अनुसार, मौत के 13वें दिन आत्मा हमेशा के लिए घर छोड़ देती है। सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि वह इस धरती को भी हमेशा के लिए छोड़ देती है। 13वें दिन के rituals के बाद, यमदूत आत्मा को यमलोक की ओर ले जाना शुरू करते हैं। यह यात्रा लगभग 47 दिनों तक या कुछ धार्मिक ग्रंथों के अनुसार एक साल तक चलती है, जिसके बाद आत्मा अपने अगले पड़ाव पर पहुंचती है।
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13 दिन का सूतक
Image Credit : Pinterest

13 दिन का सूतक

मरने के पहले दिन यमलोक जाकर लौटने वाली आत्मा, 13 दिनों तक अपने घर में ही रहती है। 13वें दिन के rituals पूरे होने के बाद, वह घर को पूरी तरह से छोड़कर अपनी अंतिम यात्रा शुरू करती है। इसी वजह से 13 दिनों का सूतक मनाया जाता है और सभी rituals पूरे किए जाते हैं। जिस घर में मौत हुई हो, वहां 13 दिनों तक साफ-सफाई रखनी चाहिए। सुबह जल्दी उठकर नहाना चाहिए। रात में रोने से बचना चाहिए और मरे हुए व्यक्ति को बार-बार पुकारना नहीं चाहिए। ऐसा करने से मृत आत्मा को कष्ट हो सकता है।

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आत्मा की मुक्ति के लिए श्रद्धा से करें पूजा
Image Credit : Getty

आत्मा की मुक्ति के लिए श्रद्धा से करें पूजा

13 दिनों तक मरे हुए व्यक्ति को मन से याद करके उसकी आत्मा की मुक्ति के लिए श्रद्धा से पूजा करनी चाहिए। इस दौरान शराब, सिगरेट और मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए। मरे हुए व्यक्ति का पसंदीदा भोजन और पकवान बनाकर नैवेद्य चढ़ाना चाहिए और दीपक जलाकर पूजा करनी चाहिए। उन्हें याद करके रोना या उन्हें वापस आने के लिए पुकारना उस आत्मा को दुख पहुंचाता है। इससे धरती पर उनका मोह कम नहीं होता, बल्कि आत्मा को शांति मिलने की बजाय दुख बढ़ सकता है।

नोट: यह विषय धार्मिक मान्यताओं और गरुड़ पुराण में दिए गए तथ्यों पर आधारित है।

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

About the Author

MM
Manish Meharele
मनीष मेहरेले। मीडिया में 19 साल का अनुभव, अभी एशियानेट न्यूज हिंदी के डिजिटल में काम कर रहे हैं। महाभारत, रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों का अच्छा ज्ञान है। ज्योतिष-हस्तरेखा, उपाय, वास्तु, कुंडली जैसे टॉपिक पर पकड़ है। यह जीव विज्ञान में बीएससी स्नातक हैं । करियर की शुरुआत स्थानीय अखबार दैनिक अवंतिका से की। 2010 से 2019 तक दैनिक भास्कर डॉट कॉम में धर्म डेस्क पर काम किया है।
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