Lohri 2026: कब है लोहड़ी, क्यों मनाते हैं ये पर्व? जानें 4 रोचक फैक्ट्स
Lohri 2026: लोहड़ी पंजाब का एक प्रमुख उत्सव है जो मकर संक्रांति के एक दिन पहले मनाया जाता है। लोहड़ी से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपराएं हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं।

जानें लोहड़ी से जुड़ी खास बातें
Lohri 2026 Kab Hai: देश के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति पर विभिन्न त्योहार मनाए जाते हैं, लोहड़ी भी इनमें से एक है। लोहड़ी पर्व वैसे तो पूरे देश में मनाया जाता है लेकिन इसकी सबसे ज्यादा रौनक पंजाब और इसके आस-पास के क्षेत्रों में देखने को मिलती है। लोहड़ी के मौके पर सभी लोग एक जगह इकट्ठा होकर अग्नि के आस-पास नाचते-गाते और खुशियां मनाते हैं। आगे जानिए इस बार लोहड़ी कब है और इससे जुड़ी रोचक बातें…
ये भी पढ़ें-
Makar Sankranti 2026: एक साल में कितनी संक्रांति होती है?
कब है लोहड़ी 2026?
पंचांग के अनुसार, इस बार सूर्य 14 जनवरी, बुधवार की दोपहर लगभग 3 बजे धनु से निकलकर मकर राशिमें प्रवेश करेंगे। इसलिए इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इसलिए परंपरागत रूप से इसके एक दिन पहले यानी 13 जनवरी, मंगलवार को लोहड़ी मनाई जाएगी।
ये भी पढ़ें-
Makar Sankranti Upay: मकर संक्रांति पर करें 5 मंत्रों का जाप, सूर्य की तरह चमकेगी किस्मत
क्यों मनाते हैं लोहड़ी?
लोहड़ी के दिन अग्नि जलाते हैं और इसके आस-पास ही पूरा उत्सव मनाया जाता है। अग्नि में तिल, गुड़, मूंगफली आदि चीजें आहुति के रूप में डाली जाती है। वैसे तो ये पर्व सूर्य के मकर राशि में आने की खुशी में मनाया जाता है साथ ही फसल पकने के खुशी के रूप में अग्नि को आहुति भी दी जाती है। इस पर्व से जुड़ी औ भी कईं कथाएं हैं जो काफी प्रचलित हैं।
क्या है लोहड़ी का अर्थ
लोहड़ी के हर अक्षर में एक खास अर्थ छिपा है जैसे लोहड़ी में ल का अर्थ है लकड़ी, ओह का अर्थ गोहा यानी उपले, और ड़ी का मतलब रेवड़ी। ये उत्सव इन तीन चीजों के बिना अधूरा है, इसलिए इसका ये नाम रखा गया है। लोहड़ी पर्व में लोग एक जगह इकट्ठा होकर लकड़ी और उपलों से अग्नि जलाते हैं और इसमें गुड़, मक्का, तिल आदि चीजें डालते हैं।
लोहड़ी पर किसकी करें पूजा?
लोहड़ी पर अग्नि के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा भी करनी चाहिए। शाम को अग्नि जलाने के बाद श्रीकृष्ण की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित कर तिलक करें, दीपक लगाएं, फूलों की माला पहनाएं। श्रीकृष्ण को भोग लगाकर आरती भी करें। इसके बाद अग्नि में तिल, मूंगफली आदि डालकर आहुति दें। अग्नि की परिक्रमा करें। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।