ED Betting App Case: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 लोगों पर शिकंजा कसा, जिसमें क्रिकेटर और बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का भी नाम शामिल हैं।

ED Attached Assets Cricketers: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। इस मामले में अब तक कई क्रिकेटर, एक्टर, पॉलीटिशियन की 19 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। इसमें युवराज सिंह, रोबिन उथप्पा, शिखर धवन और सुरेश रैना तक का नाम शामिल हैं। इसके अलावा कई फिल्म स्टार्स के बाद पूर्व सांसद का नाम भी शामिल हो गया है। सेलिब्रिटी से न केवल पूछताछ की गई है बल्कि उनकी संपत्ति भी अटैच कर दी गई है। आइए जानते हैं किन लोगों की संपत्ति अब तक इस मामले में अटैच की जा चुकी है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

युवराज-रॉबिन समेत इन 7 लोगों की संपत्ति अटैच

ईडी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा की प्रॉपर्टी अटैच की। जिसमें युवराज सिंह की 2.5 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की गई है। वहीं, रॉबिन उथप्पा की 8.26 लाख रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की गई है। इसके अलावा बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला की 2.02 करोड़ रुपए, सोनू सूद की 1 करोड़ रुपए, पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती की 59 लाख रुपए, अंकुश हजारा की 47.20 करोड़ रुपए और नेहा शर्मा की 1.26 करोड़ रुपए के संपत्ति अटैच की जा चुकी है।

और पढ़ें- Betting App Controversy: सुरेश रैना की बढ़ी मुश्किलें, ED ऑफिस तलब

अब तक किन क्रिकेटर्स की संपत्ति हुई अटैच

युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा पर गुरुवार को कार्रवाई की गई। इससे पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना की 6.64 करोड़ रुपए की संपत्ति और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की 4.55 करोड़ रुपए की संपत्ति पहले ही जब्त की जा चुकी है।

ये भी पढ़ें- IND vs SA: छक्के से घायल कैमरामैन को हार्दिक पांड्या ने लगाया गले, VIDEO वायरल

क्या है ऑनलाइन बैटिंग ऐप मामला

कथित ऑनलाइन बेटिंग एप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर रहा है। ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ क्रिकेट और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की संपत्ति अटैच की है। उनका मानना है कि ये संपत्ति अवैध सट्टेबाजी अप के प्रमोशन से हासिल की गई थी। इतना ही नहीं जांच में ये बात भी सामने आई है कि ऑनलाइन बैटिंग ऐप भारत में बिना इजाजत के काम कर रहा था और सोशल मीडिया, ऑनलाइन वीडियो और प्रिंट मीडिया के जरिए भारतीय यूजर्स को टारगेट करने के लिए सरोगेट ब्रांडिंग का इस्तेमाल कर रहा था।