आयरलैंड के खिलाफ पहले T20 में वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला। इससे सचिन तेंडुलकर का रिकॉर्ड टूटते-टूटते बचा। श्रेयस अय्यर ने उन्हें न चुने जाने की वजह बताई।

IND vs IRE: भारत के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया में चयन के बाद से ही क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आयरलैंड के खिलाफ शुक्रवार से शुरू हुई दो मैचों की T20 सीरीज से पहले उनके डेब्यू की काफी चर्चा थी। मैच से एक दिन पहले गुरुवार को सूर्यवंशी ने टीम के साथ लंबा नेट सेशन भी किया। इस दौरान उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और भारतीय टीम के अन्य सीनियर कोचिंग स्टाफ के साथ बातचीत करते हुए भी देखा गया। हालांकि, जब पहले T20 मुकाबले के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन घोषित हुई तो उसमें वैभव सूर्यवंशी का नाम शामिल नहीं था।

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श्रेयस अय्यर ने बताई चयन न होने की वजह

भारत के नए T20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस के दौरान साफ किया कि वैभव सूर्यवंशी इस मैच का हिस्सा नहीं होंगे। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से वैभव इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। वह शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन हमारे पास ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए हम फिलहाल उन्हीं पर भरोसा कर रहे हैं। सही समय आने पर वैभव को भी मौका मिलेगा।" टॉस जीतने के बाद श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 183 रनों का लक्ष्य रखा है।

मजबूत टॉप ऑर्डर बना बड़ी चुनौती

वैभव सूर्यवंशी के चयन न होने की एक बड़ी वजह भारत का मजबूत बल्लेबाजी क्रम भी माना जा रहा है। टीम में पहले से अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं, जिन्होंने हाल के समय में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इनमें से किसी एक खिलाड़ी को बाहर करके वैभव को मौका देना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं था।

सितांशु कोटक ने क्या कहा था?

मैच से पहले भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को भविष्य में निश्चित रूप से मौके मिलेंगे, लेकिन सिर्फ उन्हें खिलाने के लिए किसी ऐसे खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं होगा, जो पहले से लगातार रन बना रहा हो। कोटक ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि वैभव को उनका मौका जरूर मिलेगा। लेकिन सिर्फ उन्हें मौका देने के लिए किसी ऐसे खिलाड़ी को बाहर करना सही नहीं होगा, जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।"

'किसी को मौका देना और दूसरे के साथ नाइंसाफी करना अलग बात है'

सितांशु कोटक का मानना है कि टीम चयन में संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने कहा, "किसी खिलाड़ी को मौका देने की कोशिश और किसी दूसरे खिलाड़ी के साथ नाइंसाफी करने के बीच बहुत बारीक अंतर होता है। इसलिए चयन हमेशा प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए।"

सेलेक्टर्स के लिए आसान नहीं है फैसला

कोटक ने यह भी माना कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की संख्या इतनी अधिक है कि टीम चुनना आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा, "भारत में इतना टैलेंट है कि कभी-कभी सेलेक्टर्स के लिए भी यह सिरदर्द बन जाता है। मेरे लिए यह मुश्किल नहीं है क्योंकि मैं न तो हेड कोच हूं और न ही कप्तान, लेकिन चयनकर्ताओं के लिए यह आसान फैसला नहीं होता।"

वैभव को अभी इंतजार करना होगा

पहले T20 मुकाबले में मौका नहीं मिलने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी टीम प्रबंधन की योजनाओं का अहम हिस्सा बने हुए हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक दोनों ने साफ किया है कि युवा बल्लेबाज का समय जरूर आएगा। फिलहाल टीम प्रबंधन उन खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहता है, जिन्होंने हाल के समय में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।

डेब्यू होता तो बन जाता बड़ा रिकॉर्ड

अगर वैभव सूर्यवंशी को पहले T20 मुकाबले में मौका मिलता, तो वह 15 साल और 91 दिन की उम्र में भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाते। यह रिकॉर्ड पुरुष और महिला, दोनों भारतीय क्रिकेटरों के संयुक्त आंकड़ों में दर्ज होता। फिलहाल भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड शेफाली वर्मा के नाम है, जिन्होंने 15 साल और 239 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। पुरुष क्रिकेट में यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है। उन्होंने 16 साल और 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।