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दुनिया के 5 स्टार बल्लेबाज, जो सिर्फ कमजोर टीमों के सामने थे शेर; भारत से भी एक नाम...!
क्रिकेट की दुनिया में एक से बढ़कर एक धाकड़ बल्लेबाजों ने अपना जलवा बिखेरा है। मगर कुछ ऐसे भी रहे हैं, जिन्होंने सिर्फ कमजोर विपक्षी टीमों के खिलाफ रन बनाए और शेर बने हैं। यहां हम आपको उन्हीं 5 बल्लेबाजों के बारे में बताएंगे।

कमजोर टीमों के सामने शेर
यहां हम आपको उन 5 खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिनके आंकड़े तो काफी अच्छे हैं, लेकिन उनकी सबसे खास बात यह है कि सिर्फ कमजोर टीमों के सामने ही शेर बनकर दहाड़े हैं। इन सभी बल्लेबाजों का सामना जब बड़ी टीमों के खिलाफ होता है, तब क्रीज पर आते ही बल्लेबाजी करते हुए हवा निकल जाती है। चलिए बिना देर किए उनके बारे में जानते हैं।
बाबर आजम
सूची में पहले नंबर पर पाकिस्तान के किंग कहे जाने वाले बाबर आजम का नाम आता है, जिनका रिकॉर्ड जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमों के सामने ही बेहतर है। एक समय ऐसा था, जब बाबर को देख फैंस को लगा कि वो अपनी बल्लेबाजी से दुनिया में राज करेंगे। भारत के खिलाफ 24 अक्टूबर 2021 को टी20 वर्ल्ड कप के लीग मैच में बाबर ने कमाल की पारी खेलकर पाकिस्तान को जीत दिलाई। उस मैच के बाद उनके खूब चर्च हुए, लेकिन फिर मामला गड़बड़ हो गया। वो बड़े टूर्नामेंट में बड़ी टीमों के सामने लगातार फेल होते गए। आज पाक टीम में जगह तक नहीं बन रही है।
क्विंटन डी कॉक
लिस्ट में साउथ अफ्रीका का बड़ा नाम क्विंटन डी कॉक का भी आता है। इनके पास शानदार टाइमिंग, क्लीन हिटिंग और शानदार शुरुआत देने की क्षमता थी। यही क्वॉलिटी क्विंटन को मॉडर्न क्रिकेट का बेताज बादशाह बनाता, लेकिन कंसिस्टेंसी बड़ी समय है। खासकर बड़ी टीमों के खिलाफ बल्ले से लगातार रन नहीं बनाते हैं। वो हमेशा छोटी टीमों के सामने रन बनाते रहे। जब भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमों की बात आती, है तो लगातार रन नहीं बनाते हैं। खासकर ICC टूर्नामेंट में ज्यादा फ्लॉप हुए हैं, जब फैंस को बड़ी आस थी।
शे होप
वेस्टइंडीज के शे होप को बेहतरीन क्लासिक बल्लेबाज माना जाता है। वनडे में उनका औसत लाजवाब रहा है, यही वजह है कि कुछ लोग उन्हें मॉडर्न एरा के बेस्ट कैरिबियाई बल्लेबाज मान रहे हैं। लेकिन, जब आप उनकी पारी को गहराई से देखते हैं, तो एक चीज साफ नजर आती है। शे होप का बड़ा हिस्सा उन मैचों से आता है, जिनकी बॉलिंग कमजोर है। वनडे में उनके कई बड़े स्कोर अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे, बांग्लादेश और स्कॉटलैंड जैसी टीमों के खिलाफ आए हैं। इन मैचों में शानदार दिखते हैं। लॉन्ग इनिंग और बेहतरीन स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हैं। समस्या तब आती है जब इंडिया, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें सामने आती हैं।
शिखर धवन
धवन का इंटरनेशनल करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन जितना भी रहा उसमें ICC टूर्नामेंट और एशिया में आगे रहे। उनके कवर ड्राइव्स और फ्लिप देखने लायक होते थे, मगर जब उनकी पैटर्न को गहराई से देखा जाए तब उनकी बड़ी ताकत एशियाई टीमें और कमजोर गेंदबाजी लाइन अप रही है। यह कोई क्रिजिसिज्म नहीं है, बल्कि नंबर का स्ट्रेट एनालिटिक्स है। श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी औसत और स्ट्राइक रेट हाई है। इन टीमों के खिलाफ कई बड़ी पारियां खेली। वहीं, बड़ी टीमों के सामने आंकड़े नीचे जाते थे। स्टार्ट अच्छा करते थे, लेकिन लंबा वो नहीं चलता था। जिसके चलते उन्हें छोटी टीमों के शेर भी कहा जाता है।
इमाम उल हक
इमाम उल हक उन बल्लेबाजों के रूप में आते हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने लंबे समय तक फ्यूचर के तौर पर देखा। उनकी तकनीक साफ है, टेंपरामेंट भी अच्छा है और शुरुआत में अच्छी कंसिस्टेंसी दिखाई। जब बात बड़ी टीमों, प्रेशर वाला मैच और बड़े टूर्नामेंट की आती है, तब उनका बल्ला खामोश हो जाता है। उन्हें देख ऐसा लगता है कि बड़ी टीमों के हाई क्लास गेंदबाजों के सामने फंसते हैं। कमजोर टीमों के सामने लंबी पारी खेल लेते हैं। इसी वजह से उनका औसत को हाई बनाकर रखा, मगर असल में उनका खेल कुछ और ही है।