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दुनिया के वो 5 खूंखार ओपनर्स, जिनके क्रीज पर आते ही थर्रा जाते थे गेंदबाज; भारत से 1 नाम...!
Top 5 Dangerous Openers in Cricket: आज के समय में क्रिकेट का स्तर काफी बदल चुका है। बल्लेबाजों के खेलने की शैली भी पहले से अलग हो गई है। मगर यहां हम आपको उन 5 सबसे खूंखार ओपनर्स के बारे में बताएंगे, जिनके जैसा पैदा होना मुश्किल है।

5 खूंखार ओपनर बल्लेबाज
विश्व क्रिकेट में अब तक कई ऐसे ओपनर्स रहे हैं, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी फैंस को एंटरटेन किया। मगर वो ज्यादा खूंखार नहीं बन पाए। यहां हम आपको उन 5 ओपनर्स के बारे में बताएंगे, जिनका नाम सुनकर भी सामने आने वाले गेंदबाजों की रूह कांप जाती थी। इन बल्लेबाजों ने स्टेडियम में दर्शकों को खूब एंजॉय करवाया।
मैथ्यू हेडन
ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन का खौफ शायद ही किसी गेंदबाज के दिमाग में नहीं रहा होगा, जब वो खेलते थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम की बल्लेबाजी में रीढ़ की हड्डी माने जाते थे। उन्हें लाजवाब टेक्नीक, टाइमिंग और लंबी पारी खेलने के लिए जाना जाता था। गेंदबाज के लिए इस बल्लेबाज का सामना करना, मतलब अटलांटिक को पैदल पार करने जैसा था। जिम्बाब्वे के खिलाफ 380 रनों की पारी इसकी गवाह है। इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया को उस स्वर्ण युग का सपना दिखाया, जिसके सामने आने से विरोधियों की नींद उड़ जाए। 103 टेस्ट और 159 वनडे खेले।
सनथ जयसूर्या
श्रीलंका के सनथ जयसूर्या ने ओपनिंग में एक नई लहर लाई। 1996 विश्व कप और उसके बाद लगातार रनों की बारिश करने के बाद विश्व क्रिकेट को यह एहसास हो गया था, कि ये इतिहास रचेंगे। पावरप्ले का फायदा कैसे उठाया जाता है, उसका उदाहरण जयसूर्या के पावर स्ट्रोक, छक्के और टाइमिंग है। टेस्ट में बोलबाला रहा और वनडे के बेताज बादशाह थे। उन्होंने 445 ODI मुकाबले खेले।
सचिन तेंदुलकर
भरोसे का ब्रांड एंडोर्समेंट कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट और वनडे में इतने रन बनाए, कि क्रिकेट का मानक ही बन गया। शतक, दबाव में बल्लेबाजी और लंबी पारी उनके टैलेंट का एक बड़ा उदाहरण है। 90 के दशक और 2010 तक इस खिलाड़ी ने भारत को अकेले अपने कंधे पर उठाकर रखा। सचिन के बाद भारत ने कई युवा बल्लेबाज को बतौर ओपनर मौका दिया, लेकिन उनमें निरंतरता और धैर्य नहीं दिखा।
ग्रीम स्मिथ
ग्रीम स्मिथ उस खिलाड़ी का नाम है, जिन्होंने अपने खेल से ज्यादा नेतृत्व से दुनिया को प्रभावित किया। दक्षिण अफ्रीका के लिए ओपनिंग करना और टीम को साथ लेकर चलना आसान नहीं था, लेकिन स्मिथ ने सब करके दिखाया। 22 साल में कप्तान चुने गए। उनकी बल्लेबाजी शैली अग्रेसिव नहीं थी, लेकिन ऊंचा कद, सीधा बल्ला और विकेट पर डटकर खेलने की क्षमता उनकी ताकत थी। टेस्ट में 27 शतक उनके नाम दर्ज है।
एलेस्टर कूक
7 नवम्बर 2018 को भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच खेला गया था। यह कोई नॉर्मल टेस्ट नहीं था, बल्कि दिग्गज बल्लेबाज एलेस्टर कूक का आखिरी मैच था। पहली पारी में 71 और दूसरी पारी में 147 रन बनाने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उनकी बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने 118 रनों से मैच जीत लिया। वो तेज तर्रार क्रिकेट के दौर में बहुत क्लासिक टेस्ट बल्लेबाजी के दम पर विश्व में अपनी पहचान बनाई। उनकी टेक्नीक सरल थी। बतौर लेफ्ट हैंड बल्लेबाज बनकर कई रिकॉर्ड बनाए। उनके जाने के बाद आज तक इंग्लैंड को ऐसा ओपनर नहीं मिला।