13 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 एशिया कप में श्रीलंका के खिलाफ तूफानी पारी खेलकर भारत को फाइनल में पहुंचाया। आर्थिक तंगी से जूझते हुए भी, उनके पिता ने हमेशा उनका साथ दिया और आज वैभव क्रिकेट जगत में नया इतिहास रच रहे हैं।

Under-19 Asia Cup: अंडर-19 एशिया कप में भारत ने श्रीलंका को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। इस मैच के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे जिन्होंने श्रीलंका का दहन कर दिया। 36 गेंद पर 67 रनों की तूफानी पारेख खेल कर वैभव ने टीम इंडिया को फाइनल तक पहुंचा दिया। उनके बल्ले से आग निकल रहा था और उन्होंने 54 रन सिर्फ बाउंड्री के जरिए बनाए। अपनी पारी में उन्होंने छह चौके और पांच छक्के जड़े। टूर्नामेंट के पहले मैच में फ्लॉप होने वाले सूर्यवंशी ने अच्छी वापसी की और उन्होंने यूएई के खिलाफ 76 रनों की पारी खेल का टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा था। अब लगातार दूसरा अर्धशतक लगाकर उन्होंने किया कारनामा किया है।

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जब लाचार होकर पिता को बेचना पड़ा जमीन

महज 13 साल के उम्र में इस युवा खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। इससे पहले उन्हें आईपीएल में भी राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड रुपए देकर टीम में खरीदा। कड़ी संघर्ष करने के बाद वैभव सूर्यवंशी आज नाम बना रहे हैं। उनके परिवार ने आर्थिक तंगी का भी सामना किया है। वैभव के पिता आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे थे और अपनी जमीन तक बेच दी।

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आर्थिक तंगी में भी पिता ने दिया साथ

इसका खुलासा खुद उनके पिता ने किया। उन्होंने कहां की मैं कभी परिस्थितियों से पीछे नहीं जाता और बच्चे को किसी चीज के लिए दूसरे पर निर्भर होने नहीं दिया। अब वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी भारतीय टीम में अपने बेटे को खेलते हुए देखना चाहते हैं। उनका सपना है कि मेरा बेटा अंदर-19 विश्व कप ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल माचो में टीम इंडिया का नेतृत्व करे। बिहार के समस्तीपुर से आने वाले वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में सबसे युवा बिकने वाले खिलाड़ी बनकर इतिहास भी बना दिया।

लॉकडाउन में पिता घर पर करवाते थे प्रैक्टिस

वैभव सूर्यवंशी को बनाने में उनके पिता का बहुत बड़ा हाथ रहा है। 5 साल की उम्र से ही वह अपने बेटे को नेट में जाकर प्रेक्टिस करवा रहे हैं। लॉकडाउन के समय में भी वह अपने घर पर ही बेटे को प्रैक्टिस कराते थे। वैभव नहीं पटना के जीसस स्कूल के मनीष ओझा से ट्रेनिंग ली है। इसके बाद उनकी काबिलियत निखर कर सामने आई।

कम उम्र में बनाया इतिहास

12 साल 284 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट में लाजवाब खेल दिखाया था जिसके बाद उनका सिलेक्शन बिहार रणजी ट्रॉफी के लिए हुआ। रणजी ट्रॉफी 2023-24 सीजन में उन्होंने मुंबई के खिलाफ अपना डेब्यू करके इतिहास बना दिया था। दिन प्रतिदिन वैभव सूर्यवंशी अपने कौशल को निखार रहे हैं जिसका परिणाम भी उन्हें अच्छे फल के तौर पर मिल रहा है।

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