Asian Games 2026: जापान के आइची और नगोया में 20वें एशियन गेम्स की तैयारी पूरी हो चुकी है। 1951 में भारत से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया अब तक 779 मेडल जीत चुकी है। इस बार 45 देशों के 10 हजार से ज्यादा एथलीट 43 खेलों में अपना दम दिखाएंगे।

Asian Games History and Facts: मिनी ओलंपिक के नाम से मशहूर एशियन गेम्स (एशियाड) फिर से लौट आया है। इस बार जापान इन खेलों की मेजबानी कर रहा है। तमाम अव्यवस्थाओं के बावजूद आइची और नगोया शहर 20वें एशियन गेम्स को कामयाब बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ये खेल कब और क्यों शुरू हुए? अब तक कहां-कहां इनका आयोजन हुआ? सबसे ज्यादा मेडल किन देशों ने जीते और भारत का प्रदर्शन कैसा रहा? आइए, इन सब सवालों के जवाब जानते हैं।

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एक भारतीय ने दिया था आइडिया, दिल्ली में हुए थे पहले गेम्स

दुनिया भर में जैसे ओलंपिक होता है, वैसे ही एशियाई देशों के बीच एशियन गेम्स खेले जाते हैं। दूसरे विश्व युद्ध के बाद एशियाई देशों में दोस्ती, एकता और खेल भावना बढ़ाने के लिए इसकी शुरुआत हुई थी। 1948 के लंदन ओलंपिक के दौरान, इंटरनेशनल ओलंपिक काउंसिल में भारत के प्रतिनिधि गुरु दत्त सोंधी ने इन खेलों का आइडिया दिया था।

इससे पहले 'फार ईस्टर्न चैंपियनशिप गेम्स' (1913–1938) और 'वेस्ट एशियन गेम्स' जैसे छोटे क्षेत्रीय टूर्नामेंट होते थे। जब ये बंद हो गए, तो पूरे एशिया के लिए एक बड़े टूर्नामेंट की जरूरत महसूस हुई। इसी सोच के साथ 1949 में एशियन गेम्स फेडरेशन बना। इसके बाद 1951 में नई दिल्ली में पहली बार एशियन गेम्स का आयोजन हुआ।

एशियन गेम्स के पहले मैस्कॉट का नाम था 'अप्पू'

किसी भी बड़े टूर्नामेंट में पूरे इवेंट को दर्शाने के लिए एक खिलौने के आकार का 'मैस्कॉट' होता है। एशियन गेम्स में पहली बार मैस्कॉट 1982 में लाया गया था। नई दिल्ली में हुए उन खेलों में एक प्यारे से भारतीय हाथी के बच्चे को मैस्कॉट बनाया गया था, जिसका नाम 'अप्पू' रखा गया। इस बार के गेम्स का मैस्कॉट 'होनोहोन' (Honohon) है। इसे नगोया महल के प्रतीक शचीहोको (बाघ का सिर) और एथलीट्स के दिल में जलने वाली जुनून की आग को मिलाकर डिजाइन किया गया है। लाल रंग और बड़ी आंखें इसकी खासियत हैं।

भारत ने अब तक जीते हैं 779 मेडल

भारत ने अब तक हर एशियन गेम्स में हिस्सा लिया है और कुल 779 मेडल अपने नाम किए हैं। इनमें 183 गोल्ड, 239 सिल्वर और 357 ब्रॉन्ज शामिल हैं। सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाले देशों की लिस्ट में भारत पांचवें नंबर पर है। चीन 1674 गोल्ड के साथ कुल 3,570 मेडल जीतकर टॉप पर बैठा है। वहीं, जापान 1084 गोल्ड समेत 3,242 मेडल के साथ दूसरे नंबर पर है। साउथ कोरिया ने 787 गोल्ड के साथ 2,425 मेडल जीते हैं, जबकि ईरान के खाते में 192 गोल्ड समेत 611 मेडल हैं।

पहले गेम्स में थे सिर्फ 6 खेल, इस बार 43

1952 में हुए पहले एशियन गेम्स में सिर्फ 6 खेल शामिल थे। तब एथलेटिक्स, स्विमिंग, बास्केटबॉल, साइकिलिंग, फुटबॉल और वेटलिफ्टिंग के मुकाबले हुए थे। उस वक्त 57 मेडल इवेंट्स में 489 एथलीट्स ने हिस्सा लिया था। लेकिन इस बार गेम्स में 43 खेल शामिल हैं। कुल 71 कैटेगरी में 469 मेडल इवेंट्स होंगे, जिनमें 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश करेंगे।

1982 से मेडल टैली में चीन का दबदबा

भले ही एशियन गेम्स में 40 से ज्यादा देश हिस्सा लेते हैं, लेकिन मेडल टैली में हमेशा जापान और चीन का ही जलवा रहता है। पहले 8 सीजन में जापान लगातार नंबर वन रहा। लेकिन 1982 से लेकर 2022 तक के सभी गेम्स में चीन ने ही मेडल टैली में टॉप पोजीशन हासिल की है।

एशियन गेम्स की खास बातें एक नजर में

कहां?: आइची, नगोया (जापान)

कब से कब तक?: 19 सितंबर से 4 अक्टूबर

कितने खेल?: कुल 43 खेल

कितने मेडल?: 469 मेडल इवेंट्स

कितने एथलीट्स?: 10000+

43 खेल

इस टूर्नामेंट में कुल 43 खेल खेले जाएंगे।

54 वेन्यू

आइची और नगोया में 54 जगहों पर गेम्स का आयोजन होगा।

45 देश

इस बार कुल 45 देश हिस्सा ले रहे हैं।

37 खेल

भारतीय एथलीट्स इस बार 37 खेलों में चुनौती पेश करेंगे।

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