बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में आयुष शेट्टी ने ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में चीन के शी यू की से हारने के बावजूद, वह 61 साल में फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बने। यह भारत का टूर्नामेंट में 19वां मेडल है।
निंगबो (चीन): भारत के युवा शटलर आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। उडुपी, कर्नाटक के रहने वाले आयुष ने इस टूर्नामेंट में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। फाइनल मुकाबले में उन्हें चीन के शी यू की के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें रनर-अप रहकर संतोष करना पड़ा।
ऐतिहासिक कारनामा
रविवार को हुए फाइनल में 20 साल के आयुष का मुकाबला दुनिया के नंबर 2 खिलाड़ी शी यू की से था। आयुष यह मैच 8-21, 10-21 के सीधे गेमों में हार गए। लेकिन इस हार के बावजूद, आयुष ने अपने करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वो बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बन गए हैं। इससे पहले 1965 में दिनेश खन्ना ने इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता था। खन्ना के बाद फाइनल तक का सफर तय करने वाले आयुष पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।
इस पूरे टूर्नामेंट में आयुष का प्रदर्शन ज़बरदस्त रहा। उन्होंने वर्ल्ड नंबर 1, वर्ल्ड नंबर 4 और वर्ल्ड नंबर 7 जैसे टॉप रैंक वाले खिलाड़ियों को हराया था। शुक्रवार को हुए क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर 25 आयुष ने इंडोनेशिया के वर्ल्ड नंबर 4 खिलाड़ी जोनाटन क्रिस्टी को 23-21, 21-17 से हराकर फाइनल 4 में अपनी जगह पक्की की थी।
टूर्नामेंट में भारत का 19वां मेडल
1962 से हो रहे इस टूर्नामेंट में यह भारत का कुल 19वां मेडल है। भारत ने अब तक 2 गोल्ड, 1 सिल्वर (आयुष) और 16 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। 1965 में दिनेश खन्ना ने सिंगल्स में और 2023 में सात्विक-चिराग की जोड़ी ने मेन्स डबल्स में गोल्ड जीता था।
