कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज जादुमणी सिंह ने 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने सेमीफाइनल में नामीबिया के बॉक्सर को हराकर भारत के लिए कम से कम एक सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है।
भारतीय मुक्केबाज जादुमणी सिंह ने शुक्रवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के शानदार बॉक्सिंग अभियान को जारी रखते हुए पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में नामीबिया के फिलिप पुमुलो मुताकेला हाओसेब को सर्वसम्मत निर्णय से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ ही भारत का कम से कम एक सिल्वर मेडल पक्का हो गया है।
ईएसपीएन के अनुसार, लगातार तीन 5-0 की जीत के बाद सेमीफाइनल में पहुंचे जादुमणी ने ग्लासगो में अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने एक और संयमित प्रदर्शन के साथ अपने अजेय रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए गोल्ड मेडल बाउट में अपनी जगह बनाई।
सेमीफाइनल मुकाबले का रोमांच
नामीबियाई मुक्केबाज ने पहले राउंड में जोरदार शुरुआत की, उन्होंने ज्यादा मुक्के मारे और अधिक आक्रामक दिखे। हालांकि, ईएसपीएन के अनुसार, जादुमणी ने क्लीन पंचों की एक श्रृंखला के साथ राउंड को मजबूती से खत्म किया, जिससे सभी पांच जजों ने उन्हें यह राउंड दे दिया।
हाओसेब ने दूसरे राउंड की शुरुआत भी आक्रामक अंदाज में की, लेकिन जादुमणी ने धैर्य बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंद्वी को दूर रखने के लिए काउंटर-पंचिंग पर भरोसा किया। हाओसेब की अधिक सक्रियता के बावजूद, जजों ने एक बार फिर सर्वसम्मति से भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में फैसला सुनाया।
अंतिम राउंड में आरामदायक बढ़त के साथ, जादुमणी ने रणनीतिक रूप से बॉक्सिंग की। वे अनुशासित रहे और काउंटर अटैक की तलाश में थे, जबकि हाओसेब वापसी के लिए बेताब दिखे। भारतीय मुक्केबाज ने आराम से मुकाबला पूरा किया, जिसके बाद जजों ने सर्वसम्मत निर्णय से उनकी जीत की पुष्टि की।
फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जाए डिक्सन से भिड़ंत
इस जीत के साथ, जादुमणी ने पुरुषों के 55 किग्रा फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां गोल्ड मेडल के लिए उनका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के जाए डिक्सन से होगा। जादुमणी, प्रीति पवार, अंकुश पंघाल, जैसमीन लम्बोरिया और अरुंधति चौधरी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के फाइनल में पहुंचने वाले पांचवें भारतीय मुक्केबाज बन गए हैं।
CWG 2026 में भारत का अब तक का प्रदर्शन
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक 17 पदक जीते हैं, जिनमें तीन स्वर्ण, नौ रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं। स्वर्ण पदक मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन), शर्मिला धनकर (महिला शॉट पुट F57) और दिलीप गावित (पुरुष 100 मीटर T47) ने जीते हैं। भारत ने ऋषिकांत सिंह, मुथुपंडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव, सर्वेश कुशारे, वल्लुरी अजय बाबू, हरजिंदर कौर, गुलवीर सिंह, मुरली श्रीशंकर, मोहम्मद बासिल और लवप्रीत सिंह के माध्यम से रजत पदक भी हासिल किए हैं, जबकि झांडू कुमार, बिंद्यारानी देवी, शिल्पा के शैला और सीमा कलिरामना ने कांस्य पदक जीते हैं।
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