पेरिस ओलंपिक में विवादों में घिरी अल्जीरियाई मुक्केबाज इमाने खलीफ ने महिलाओं की 66 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। फाइनल में उन्होंने चीन की यांग लियू को हराया।

पेरिस: पेरिस ओलंपिक में पुरुष तारा होने का आरोप झेल रहीं अल्जीरियाई मुक्केबाज इमाने खलीफ ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। महिलाओं की 66 किलोग्राम भार वर्ग में इमाने ने स्वर्णिम सफलता हासिल की। फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीन की स्टार मुक्केबाज यांग लियू को शिकस्त दी। गौरतलब है कि इमाने खलीफ पर पुरुष मुक्केबाज होने का आरोप लगा था, जिसके बाद अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई दिग्गज उनके खिलाफ बोल चुके थे।

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इमाने से जुड़ा विवाद तब और बढ़ गया था जब प्री-क्वार्टर फाइनल में इटली की एंजेला कैरिनी मुकाबला शुरू होने के 46 सेकंड बाद ही रिंग से बाहर हो गई थीं। पिछले साल दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप से भी इमाने को अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग संघ ने बाहर कर दिया था। इसी वजह से ताइवान की लिन यू टिंग को भी संघ के प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, पेरिस में होने वाले मुकाबलों के लिए ओलंपिक समिति ने दोनों को ही अनुमति दे दी थी।

महिला मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाली इमाने पहली अल्जीरियाई महिला बन गई हैं। 1996 के बाद अल्जीरिया के लिए मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाली वह पहली एथलीट हैं। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए इमाने ने कहा था कि वह बॉक्सिंग रिंग में ही इसका जवाब देंगी। स्वर्ण पदक जीतने के बाद इमाने ने कहा कि वह भी दूसरी किसी भी महिला की तरह ही हैं। उन्होंने कहा, 'मैं एक महिला के रूप में पैदा हुई हूं। एक महिला के रूप में जी रही हूं। यहां प्रतिस्पर्धा भी एक महिला के रूप में ही कर रही हूं। इसमें कोई संदेह नहीं है।'

इमाने ने कहा कि बेवजह विवाद खड़ा करने वाले लोग जीत के दुश्मन होते हैं। इतनी आलोचनाओं के बीच जीत हासिल करना दोगुनी खुशी देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पदक से उनके बारे में लोगों का नजरिया बदलेगा। हालांकि, तमाम विवादों और आलोचनाओं के बीच स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी इमाने से जुड़ा विवाद शायद ही इतनी जल्दी थम पाए।