पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद पीआर श्रीजेश अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिले। इस दौरान पीएम मोदी ने श्रीजेश के बेटे के साथ हंसी-ठिठोली की और उसे बर्फी खिलाई।

PM Modi met PR Sreejesh family members: पेरिस ओलंपिक में हॉकी में ब्रॉन्ज जीतने वाली भारतीय टीम के सीनियर मेंबर पीआर श्रीजेश और उनके परिवारीजन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, श्रीजेश के बेटे से हंसी-ठिठोली करते नजर आ रहे हैं। पीएमओ से जारी वीडियो में वह बच्चे को तिरंगा रंग की बर्फी भी खिलाते दिख रहे हैं।

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परिवार के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिले पीआर श्रीजेश

भारतीय हॉकी के पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश, पेरिस से लौटने के बाद अपने पूरे परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, श्रीजेश के परिवारीजन से परिचय कर उनसे बातचीत की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री, श्रीजेश के बेटे के साथ काफी फ्रेंडली दिखे। उन्होंने उससे परिवार के सदस्यों के बारे में पूछा, फिर पीआर श्रीजेश की ओर इशारा करते हुए सवाल किया कि क्या यह तुम्हें मारता है? इस पर बच्चे ने हां में जवाब दिया तो सब हंस पड़े। फिर पीएम ने उसे अपने यहां ही रहने और सबको बॉय करने के लिए कहा। उसने भी पूरी मासूमियत के साथ रहने के लिए हामी भर दी। वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी, उसे अपने हाथों से बर्फी खिलाते हुए दिख रहे हैं।

पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीतने के बाद किया था संन्यास का ऐलान

पीआर श्रीजेश ने पेरिस ओलंपिक में टीम के मेडल जीतने के बाद अपने संन्यास का ऐलान कर दिया था। श्रीजेश ने अपने दो दशक के शानदार करियर के दौरान हॉकी टीम को लीड किया। अपने संन्यास को लेकर श्रीजेश ने बताया कि ओलंपिक एक ऐसा मंच है जहां पूरी दुनिया भाग लेती है और मैंने सोचा कि मुझे संन्यास लेने के लिए इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा।

उन्होंने बताया कि हमें विश्वास था कि हम फाइनल में खेलेंगे और हम पेरिस में स्वर्ण पदक जीतने के हकदार हैं। लेकिन जब हम सेमीफाइनल में हार गए, तो हमें बहुत दुख हुआ। लेकिन जब हम कांस्य पदक के लिए खेलने उतरे तो सभी ने कहा कि हमें यह मैच श्री भाई के लिए जीतना है। मेरे लिए यह अपने आप में गर्व की बात है। टीम में मेरे भाई कई वर्षों तक इस देश के लिए खेलने के मेरे सफर में मेरे साथ खड़े रहे। मैंने इसके लिए टीम को धन्यवाद दिया और अंत में संन्यास लिया।

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