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कभी पोलियो ने तोड़ा, फिर जिंदगी ने परखा... अब कॉमनवेल्थ गेम्स में शर्मिला धनकर ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
Who is Sharmila Dhankar: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शर्मिला धनकर ने महिला पैरा शॉट पुट F57 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। पोलियो, गरीबी, घरेलू हिंसा और कठिनाइयों का सामना करने के बाद वह भारत की पहली पैरा एथलेटिक्स गोल्ड मेडलिस्ट बनीं।

शर्मिला धनकर का शानदार थ्रो
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शर्मिला धनकर ने महिला पैरा शॉट पुट F57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का शानदार थ्रो किया। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने कनाडा, इंग्लैंड, वेल्स और ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

कौन हैं शर्मिला धनकर?
शर्मिला धनकर हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली हैं। उनका जन्म 15 अगस्त 1986 को हुआ था। जब वह सिर्फ 2 साल की थीं, तब तेज बुखार के बाद उन्हें पोलियो हो गया। इससे उनके बाएं पैर की मांसपेशियां कमजोर हो गईं और चलने-फिरने में दिक्कत होने लगी। इसी कारण वह F57 पैरा कैटेगरी में हिस्सा लेती हैं।
बचपन से ही मुश्किलों का सामना
शर्मिला का बचपन बेहद कठिन रहा। उनकी मां नेत्रहीन थीं और पिता किसान थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। इलाज की पर्याप्त सुविधा न मिलने के कारण उनका पोलियो ठीक नहीं हो सका। 18 साल की उम्र में ही उनकी शादी कर दी गई। शादी के बाद उन्हें दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। जब वह 26 साल की थीं, तब उनके पहले पति ने उन्हें घर से निकाल दिया। उस समय उनकी दो बेटियां थीं और वह बच्चों के साथ अपने मायके लौट आईं।
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दूसरे पति ने बदली जिंदगी
करीब 28 साल की उम्र में शर्मिला की दूसरी शादी हुई। उनके दूसरे पति अजीत सिंह ने उन्हें पैरा एथलेटिक्स में करियर बनाने के लिए मोटिवेट किया। उन्होंने हर कदम पर शर्मिला का साथ दिया। इसके बाद शर्मिला ने राव तुलाराम स्टेडियम में ट्रेनिंग शुरू किया। यहां उनके रिश्तेदार, जो खुद एक पैरा एथलीट थे, उनके पहले कोच बने। यहीं से उनके नए जीवन की शुरुआत हुई।
मेहनत ने दिलाई सफलता
जब शर्मिला ने पहली बार शॉट पुट फेंका, तब उनका थ्रो सिर्फ 5 मीटर था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और प्रैक्टिस के दम पर एक साल के भीतर उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती और 7.40 मीटर का नया नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया। साल 2026 में शर्मिला ने दुबई इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया। शर्मिला धनकर की कहानी यह साबित करती है कि अगर हौसला मजबूत हो, तो कोई भी मुश्किल इंसान को उसकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।
बता दें कि F57 कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए होती है, जिनके पैरों में दिव्यांगता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की कमजोरी होती है। इस वर्ग के खिलाड़ी एक खास कुर्सी पर बैठकर शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं।
शर्मिला धनकर को लेकर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले सवाल
1. शर्मिला धनकर कौन हैं?
शर्मिला धनकर हरियाणा की पैरा एथलीट हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला शॉट पुट F57 में गोल्ड मेडल जीता।
2. शर्मिला धनकर किस बीमारी से प्रभावित थीं?
बचपन में पोलियो होने के कारण उनके बाएं पैर की मांसपेशियां कमजोर हो गई थीं।
3. शर्मिला धनकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन-सा इतिहास रचा?
वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।