चुनावी माहौल में तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार और भाजपा पर बिहार की गरीबी, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दस सवाल दागे हैं। जवाब में जेडीयू नेता नीरज कुमार ने ‘TEJASHWI’ का व्यंग्यपूर्ण फुल फॉर्म बनाकर पलटवार किया।

पटनाः आगामी विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर नीतीश कुमार और भाजपा की सरकार से दस तीखे सवाल पूछे, और जनता से अपील की कि वोट मांगने जब एनडीए के नेता आएं तो ये सवाल जरूर पूछें। तेजस्वी ने बिहार की गरीबी, महिलाओं की असुरक्षा, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सीधे-सीधे सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

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तेजस्वी यादव ने NDA सरकार से पूछे 10 सवाल

  1. बिहार सबसे गरीब राज्य क्यों है?
  2. बिहार में महिलाएं असुरक्षित क्यों हैं?
  3. बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था बेकार क्यों है?
  4. बिहार में इतना अपराध क्यों है?
  5. बिहार में इतना भ्रष्टाचार क्यों है?
  6. बिहार में इतनी बेरोजगारी क्यों है?
  7. बिहार में पलायन की मजबूरी क्यों है?
  8. बिहार में स्कूल भवन क्यों नहीं बने?
  9. बिहार में नए उद्योग-धंधे क्यों स्थापित नहीं हुए?
  10. बिहार की शिक्षा व्यवस्था चौपट क्यों है?

तेजस्वी ने कहा कि वोट मांगने के लिए जब भाजपा-जदयू वाले आए तो ये सवाल जरूर पूछिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा-जदयू इन सवालों का कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाएंगे। तेजस्वी के आरोपों के साथ ही सोशल मीडिया पर सियासी माहौल गरमा गया।

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JDU का पलटवार 

इसी बीच, जेडीयू के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए तंज कसा। नीरज कुमार ने तेजस्वी के हमले का जवाब सोशल मीडिया पर व्यंग्यपूर्ण अंदाज में ‘TEJASHWI’ का फुल फॉर्म बनाकर शेयर किया। 

  • T: Troublemaker (उपद्रवी)
  • E: Escapist (पलायनवादी)
  • J: Jealous (ईर्ष्यालु)
  • A: Arrogant (अभिमानी)
  • S: Selfish (स्वार्थी)
  • H: Hypocrite (पाखंडी)
  • W: Wasteful (फिजूलखर्ची)
  • I: Incompetent (अयोग्य)

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नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव केवल आलोचना करना जानते हैं, लेकिन उनके पास न बिहार के भविष्य के लिए कोई ठोस एजेंडा है और न ही विकास का कोई रोडमैप। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे ‘आरोपवादी’ नेताओं के बहकावे में न आए, बल्कि बिहार के विकास को प्राथमिकता दे।