बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि ओवैसी की पार्टी को महागठबंधन में शामिल करने का कोई संबंध नहीं है। सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है और 15 सितंबर तक अंतिम घोषणा की उम्मीद है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजधानी दिल्ली में कांग्रेस की हुई बैठक के बाद महागठबंधन के स्वरूप और संभावित सहयोगियों को लेकर चर्चा जोरों पर है। इस बीच कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अलावरू ने साफ कर दिया कि एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को महागठबंधन में शामिल करने की चर्चाओं से कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है।

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कृष्णा अलावरू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ओवैसी ने महागठबंधन में शामिल होने के लिए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखा है, लेकिन इस मामले में कांग्रेस का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, "यह पत्र लालू जी को लिखा गया है, इसलिए इस पर उन्होंने या राजद के अन्य नेता ही स्पष्टीकरण देना है।"

कृष्णा अलावरू ने महागठबंधन में शामिल किए जाने वाले अन्य संभावित दलों के बारे में भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पशुपति कुमार पारस की पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को लेकर सकारात्मक बातचीत चल रही है। इस दिशा में जल्द ही औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।

सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि पार्टी ने अपनी सीटों की सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है। बैठक में इस मुद्दे पर समन्वय समिति के स्तर पर विस्तार से चर्चा हो रही है। उन्होंने भरोसा दिया कि 15 सितंबर तक सीट बंटवारे को लेकर सभी बातें साफ हो जाएंगी और महागठबंधन पूरी मजबूती से चुनाव में उतरेगा।

कृष्णा अलावरू के इस बयान से स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस सीट बंटवारे को लेकर लचीला रवैया अपना रही है और ओवैसी की पार्टी को महागठबंधन में शामिल करना राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के निर्णय पर निर्भर रहेगा। मूल रूप से बिहार में महागठबंधन को मजबूत करने और एनडीए की चुनौती का सामना करने के लिए सभी दल एकजुट होकर चुनाव रणनीति बनाएंगे।