Bihar Crime News: बिहार एसटीएफ ने कुख्यात नक्सली राम इकबाल मोची को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। जानिए कैसे इस खूंखार अपराधी को पुलिस ने पकड़ा।

Bihar Crime News: बिहार एसटीएफ की टीम ने खूंखार नक्सली राम इकबाल मोची उर्फ मधीर मोची को बुधवार को उसके घर से दबोच लिया। वह खिरीमोड़ थाने के कोड़िहरा इलाके में सड़क निर्माण कर रही प्राइवेट कंपनी से लेवी मांगने का आरोपी था। दुस्साहसी मोची ने लेवी न देने पर सड़क बनाने में लगी कंपनी की जेसीबी को आग के हवाले ​कर दिया था। तभी से पुलिस उसे तलाश रही थी। एसटीएफ ने बुधवार को इस कुख्यात नक्सली को मसौढ़ी थाने के दिघमा गांव से अरेस्ट किया।

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'मुड़ीकटवा पार्टी' से लेकर हार्डकोर नक्सली तक

गिरफ्तार नक्सली राम इकबाल मोची पहले कुख्यात नक्सली संगठन MCC (माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर) का सदस्य रह चुका है। एक समय में MCC को 'मुड़ीकटवा पार्टी' के नाम से जाना जाता था। इस संगठन ने बिहार और झारखंड के कई जिलों में आतंक मचा रखा था। मोची के खिलाफ बिहार के मसौढ़ी, किंजर, खिरीमोड़, अरवल के शकूराबाद और गया के रजौली थाने में रंगदारी, लेवी वसूली और आगजनी के कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, झारखंड के लातेहार जिले से भी उसके तार जुड़े हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर 20 से अधिक मामले दर्ज हैं।

2019 में दिया था इस घटना को अंजाम

2019 में ग्रामीण सड़क निर्माण के तहत खिरीमोड़ थानाक्षेत्र के जीवन बिगहा से खुशडिहरा तक सड़क बनाई जा रही थी, तब मोची ने ठेकेदार से लेवी की मांग की थी। लेकिन जब ठेकेदार ने लेवी देने से इनकार कर दिया, तो 6 जनवरी 2019 को नक्सलियों ने अंधेरी रात में जेसीबी में आग लगा दी। 10 दिन बाद यानी 16 जनवरी को नक्सलियों ने लेवी की मांग को लेकर जली हुई जेसीबी पर पर्चा चिपका दिया। सड़क निर्माण का ठेका विवेकानंद सिंह नाम के ठेकेदार को मिला था। इसके बाद ठेकेदार ने पुलिस में FIR दर्ज कराई, लेकिन मोची फरार हो गया।

कैसे पुलिस के हत्थे चढ़ा खूंखार मोची?

पिछले कुछ महीनों से पुलिस को यह सूचना मिल रही थी कि मोची अपने गांव मसौढ़ी के दिघमा में पहचान छुपाकर रह रहा है। इसके बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस को भनक लगी कि मोची अपने घर पर छिपा हुआ है। 27 मार्च की रात एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। जैसे ही पुलिस घर में दाखिल हुई, मोची भागने की फिराक में था, लेकिन जवानों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।