एफआईआर में आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने 2004 से 2009 तक रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, भूमि के बदले ग्रुप डी के पदों पर नियुक्तियां करके भ्रष्टाचार किया।

Land for Job scam: बिहार चुनाव के पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ सकती है। लैंड फॉर जॉब स्कैम में पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के खिलाफ केस चलाए जाने की मंजूरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी है। पूर्व सीएम लालू यादव पर भूमि के बदले नौकरी के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी ईडी ने मांगी थी। राष्ट्रपति ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 197(1) (अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 218) के तहत मंजूरी दी है।

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ईडी ने दर्ज किया था केस

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज किए गए एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपनी जांच शुरू की। एफआईआर में आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने 2004 से 2009 तक रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, भूमि के बदले ग्रुप डी के पदों पर नियुक्तियां करके भ्रष्टाचार किया।

ये संपत्तियां कथित तौर पर नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों या उनके परिवारों द्वारा ट्रांसफर की गईं। फिर बाद में डायरेक्टली या इनडायरेक्टली कथित तौर पर लालू यादव के परिवार के सदस्यों के नाम पर रजिस्टर्ड कर दी गईं।

एफआईआर के अनुसार, उम्मीदवारों या उनके परिवार के सदस्यों को भारतीय रेलवे में नौकरियों के बदले में रिश्वत के रूप में जमीन ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था। ये जमीन के टुकड़े प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों के नाम पर पंजीकृत थे।

सीबीआई ने तीन आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र किए हैं दायर

सीबीआई ने इस मामले में तीन आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र भी दायर किए हैं। ईडी ने 8 जनवरी 2024 को पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत अमित कत्याल और लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव और दो संबद्ध कंपनियों एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ विशेष अदालत (पीएमएलए), नई दिल्ली के समक्ष अपना अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर किया है।

इसके अलावा, लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ एक पूरक अभियोजन शिकायत भी 6 अगस्त 2024 को विशेष अदालत के समक्ष दायर की गई थी। लालू प्रसाद यादव और परिवार के सदस्यों के खिलाफ उक्त अभियोजन शिकायतों का संज्ञान विशेष अदालत द्वारा पहले ही लिया जा चुका है।