Bihar News: बिहार के मुंगेर में एक महिला के नाम पर उसके ही पिता ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा दिया। जिंदा होने का सबूत लेकर अब महिला पति संग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है। एसडीओ ने जांच के आदेश दिए।

Bihar News: बिहार के मुंगेर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जिंदा महिला को मृत घोषित कर उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। अब महिला अपने पति के साथ नगर परिषद के दफ्तरों के चक्कर काट रही है ताकि खुद को जीवित साबित कर सके। इस केस में फर्जीवाड़े का आरोप भी महिला के पिता पर लगा है, जिन्होंने बेटी की शादी से नाराज होकर यह कदम उठाया।

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संजना के पिता ने बनवाया बेटी का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट

दरअसल, 16 नवंबर 2024 को हवेली खड़गपुर नगर परिषद द्वारा संजना के नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया। जब संजना को इसकी जानकारी मिली, तो वह अपने पति के साथ अधिकारियों से शिकायत करने पहुंची। मामले की जांच करने पर पता चला कि संजना के पिता ने नगर परिषद के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया था।

क्या है मामला?

यह मामला महकोला गांव का है, जहां रहने वाले नवल किशोर बिंद के बेटे आनंद कुमार और सत्तन बिंद की बेटी संजना के बीच प्रेम संबंध था। आनंद कुमार दिल्ली में रहते थे, वहीं संजना भी अपने परिवार के साथ दिल्ली में ही रहती थी। दोनों को प्यार हुआ और 27 अक्टूबर 2024 को संजना अपने प्रेमी आनंद के साथ घर से भाग गई। अगले दिन, 28 अक्टूबर 2024 को दोनों ने दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में शादी कर ली। संजना के पिता इस शादी से बेहद नाराज थे, इसलिए उन्होंने हवेली खड़गपुर नगर परिषद जाकर बेटी के नाम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा दिया।

सोशल मीडिया पर मिली अपनी मौत की खबर

शादी के कुछ महीने बाद, संजना और आनंद अपने जीवन में खुश थे, लेकिन अचानक सोशल मीडिया पर संजना के "मृत्यु" की खबर वायरल हो गई। जब संजना ने अपना ही मृत्यु प्रमाण पत्र देखा, तो वह हैरान रह गई। इस प्रमाण पत्र में पंजीकरण संख्या D-2024:10-90083-0000134 दर्ज थी। 16 नवंबर 2024 को जारी किए गए इस प्रमाण पत्र में उसे मृत घोषित कर दिया गया था। संजना ने तुरंत नगर परिषद कार्यालय में जाकर सच्चाई जानने की कोशिश की।

अनुमंडल पदाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) राजीव रोशन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में जिन कर्मचारियों ने यह फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया है, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। संजना के पिता पर भी केस दर्ज किया जा सकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।