बिहार सरकार ने कर्मचारियों व पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता/राहत 55% से बढ़ाकर 58% कर दिया है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी होगी। दिवाली और छठ से पहले इस फैसले से राज्य पर ₹917.78 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

पटनाः बिहार सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए दिवाली और छठ से पहले बड़ा तोहफा दिया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को ऐलान किया कि राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते/राहत दर को 55% से बढ़ाकर 58% करने का निर्णय लिया है। यह नई दर 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी होगी।

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केंद्र की दर के अनुरूप बिहार सरकार की राहत

सम्राट चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की थी। इसके बाद बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को समान राहत देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “पहले 1 जनवरी, 2025 से 55% महंगाई भत्ता दिया जा रहा था, अब इसे 58% किया गया है ताकि लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का जीवनयापन महंगाई से प्रभावित न हो।” इस फैसले से 2025-26 में राज्य सरकार पर 917.78 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

नीतीश सरकार का उद्देश्य और प्राथमिकता

डिप्टी सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 129 एजेंडों पर मुहर लगाई गई और इस महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी गई। सम्राट चौधरी ने कहा, “हमारा प्रयास है कि राज्य के हर कर्मचारी और पेंशनभोगी को समय पर राहत मिले। दिवाली और छठ के शुभ अवसर पर यह बड़ा तोहफा उनके जीवन में सहारा देगा।”

विधानसभा चुनाव से पहले यह ऐलान

बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत और कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं कर रही है। इस बढ़ोतरी को चुनावी माहौल में जनता तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने के रूप में भी देखा जा रहा है।