दरभंगा विधानसभा चुनाव 2025: दरभंगा विधानसभा सीट पर बीजेपी के संजय सरावगी ने विकासशील इंसान पार्टी के उमेश साहनी को 24593 वोटों से हराया। उन्हें 97453 वोट मिले, जबकि तीसरे स्थान पर जनसुराज पार्टी के राकेश कुमार मिश्रा रहे।

Darbhanga Assembly Election 2025: दरभंगा विधानसभा सीट बिहार की सबसे महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील सीटों में से एक है। यह सीट आज़ादी के बाद से लगातार अस्तित्व में है और यहां 1952 में पहला चुनाव हुआ था। इस सीट पर अब तक सबसे ज्यादा जीत भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने दर्ज की है, लेकिन 2005 से यह सीट बीजेपी का अटूट गढ़ बन चुकी है। निवर्तमान विधायक संजय सरावगी यहां से लगातार छठवीं बार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी विकासशील इंसान पार्टी कैंडिडेट उमेश साहनी को 24593 वोटों से हराया। उन्हें कुल 97453 वोट मिले। जिसके सामने उमेश साहनी 72860 वोट ही हासिल कर पाए। जनसुराज पार्टी के राकेश कुमार मिश्रा 11758 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

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2010 का चुनाव: बीजेपी का दबदबा शुरू

2010 में बीजेपी प्रत्याशी संजय सरावगी ने आरजेडी के सुल्तान अहमद को 27,554 वोटों के बड़े अंतर से हराया। सरावगी को 64,136 वोट मिले, जबकि आरजेडी प्रत्याशी को 36,582 वोट ही मिल सके। यह जीत दरभंगा में बीजेपी के लंबे प्रभुत्व की शुरुआत थी।

2015 का चुनाव: दूसरी बड़ी जीत

2015 में एक बार फिर बीजेपी ने दरभंगा सीट पर जीत का परचम लहराया। संजय सरावगी को 77,776 वोट मिले और उन्होंने आरजेडी के ओमप्रकाश खेड़िया को हराया। इस बार जीत का अंतर 7,460 वोटों का रहा।

2020 का चुनाव: कांटे की टक्कर

2020 का चुनाव दरभंगा के लिए बेहद दिलचस्प रहा। इस बार आरजेडी के अमरनाथ गामी ने बीजेपी को कड़ी चुनौती दी। हालांकि संजय सरावगी ने 84,144 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि अमरनाथ गामी को 73,505 वोट मिले। जीत का अंतर सिर्फ 10,639 वोटों का रहा। इस नतीजे ने साफ कर दिया कि महागठबंधन ने बीजेपी के गढ़ में सेंध लगा दी है और मुकाबला अब बेहद नज़दीकी हो चुका है।

नोट: संजय कुमार सरावगी बीजेपी से विधायक बने हैं। पोस्ट ग्रेजुएट संजय पर चार आपराधिक केस हैं। उनकी कुल चल-अचल संपत्ति 5.29 करोड़ रुपए है और उन पर एक करोड़ से ज्यादा का लोन है।

जातीय समीकरण और वोटर प्रोफ़ाइल

दरभंगा विधानसभा में करीब 2.96 लाख मतदाता हैं। इसमें मुस्लिम और यादव मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जबकि ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार और कोइरी मतदाताओं की भी अच्छी संख्या है। पुरुष मतदाता लगभग 1.58 लाख और महिला मतदाता 1.37 लाख हैं, वहीं 15 ट्रांसजेंडर वोटर भी इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।