दिनारा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के आलोक कुमार सिंह 78338 वोटों से जीते। उन्होंने RJD के शशि शंकर कुमार को हराया। यह सीट राजनीतिक रूप से अस्थिर है, जहाँ पिछले चुनावों में JDU और RJD भी जीत चुकी हैं।

Dinara Assembly Election 2025: दिनारा विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के आलोक कुमार सिंह जीत गए हैं। उन्हें 78338 वोट मिले। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के शशि शंकर कुमार उर्फ ​​राजेश यादव को हराया। जिन्हें 67504 वोट मिले। दिनारा विधानसभा चुनाव 2025 रोहतास जिले की सबसे दिलचस्प लड़ाइयों में से एक होने वाला है। इस सीट पर पिछले तीन चुनावों में सियासी तस्वीर कई बार बदली है। कभी यह सीट जेडीयू (JDU) का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन 2020 में आरजेडी (RJD) ने यहां कब्जा जमा लिया। 

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2010 चुनाव: JDU का दबदबा

2010 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के जय कुमार सिंह ने जीत दर्ज की। उन्हें 47,176 वोट मिले, जबकि आरजेडी की सीता सुंदरी देवी को केवल 30,566 वोट मिले। इस जीत से जेडीयू ने दिनारा सीट पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई।

2015 चुनाव: कांटे का मुकाबला

2015 में मुकाबला बेहद करीबी रहा। जेडीयू के जय कुमार सिंह ने भाजपा के राजेंद्र प्रसाद सिंह को महज 2,691 वोटों से हराया। जय कुमार सिंह को 64,699 वोट (43%), जबकि राजेंद्र प्रसाद सिंह को 62,008 वोट (41.2%) मिले। यह चुनाव साबित करता है कि दिनारा में जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे कितने अहम हैं।

2020 चुनाव: RJD का नया चेहरा विजय मंडल

2020 में इस सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ। आरजेडी के विजय कुमार मंडल ने 59,541 वोट (34.97%) पाकर जीत दर्ज की। उन्होंने एलजेपी के राजेंद्र प्रसाद सिंह को हराया, जिन्हें 51,313 वोट (30.13%) मिले। जीत का अंतर 8,228 वोटों का रहा। इस चुनाव में जेडीयू के जय कुमार सिंह तीसरे स्थान पर चले गए और उन्हें केवल 27,252 वोट ही मिले।

नोट: दिनारा सीट पर बड़ा उलटफेर करने वाले आरजेडी नेता विजय कुमार मंडल पर चार क्रिमिनल केस दर्ज हैं। उनकी कुल संपत्ति 2.98 करोड़ रुपए की हैं। स्नातक तक पढ़ाई करने वाले विजय कुमार पर किसी ्प्रकार का कोई बकाया नहीं है।

जातीय और सामाजिक समीकरण (Dinara Caste Equation)

दिनारा विधानसभा में राजपूत, यादव, पासवान और दलित वोटर सबसे ज्यादा निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम वोटरों की भी अहम भागीदारी है। यही कारण है कि यहां हर बार अलग-अलग पार्टियों को सफलता मिलती रही है।