हजारीबाग में एक बुजुर्ग दंपत्ति की अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है। पति के निधन के कुछ घंटों बाद ही पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।

हजारीबाग न्यूज: हजारीबाग में पति-पत्नी के अमर प्रेम का नजारा देखने को मिला। दरअसल, हजारीबाग शहर के ओकनी छोटा शिव मंदिर निवासी 85 वर्षीय रामेश्वर राम की मौत हो गई। पति की मौत के दो घंटे बाद ही उनकी पत्नी की भी मौत हो गई। बाद में एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी ने भी दम तोड़ दिया

85 वर्षीय रामेश्वर राम के छोटे बेटे अजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह 7 बजे जब उन्होंने अपने पिता को जगाया तो वे नहीं उठे। संभवत: कुछ देर पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ली। इसी बीच दो घंटे बाद सुबह 9 बजे उनकी मां टुकनी देवी भी दुनिया छोड़कर चली गईं। अजय कुमार ने बताया कि उनकी मां को हृदय रोग था। पिता की मौत की खबर मिलते ही वे रोने लगीं। करीब नौ बजे मां की भी मौत हो गई।

चिता की लपटों में दोनों पंचतत्व में विलीन हो गए

जीवनभर साथ निभाने वाले दोनों जीवन के अंतिम पड़ाव पर भी एक-दूसरे से जुड़े रहे। दंपती के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। रामेश्वर राम सदर अस्पताल में कंपाउंडर थे। वे 20 साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। करीब 60 साल पहले दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर परिणय सूत्र में बंधने का फैसला किया था और उसी अग्नि के बीच चिता से उठती लपटों के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। ऐसा दृश्य देख लोगों की आंखें नम हो गईं।

पति से जुदाई का दर्द बर्दाश्त नहीं कर पाई

परिजनों के अनुसार छह दशक पहले साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले 85 वर्षीय रामेश्वर राम और उनकी 80 वर्षीय पत्नी टुकनी देवी एक साथ दुनिया छोड़कर चले गए। बताया जाता है कि पति से जुदाई का दर्द टुकनी देवी बर्दाश्त नहीं कर पाईं और कुछ ही देर में उनका भी निधन हो गया।

ये भी पढे़ं- 

बिहार के 'लाल' की परमाणु सफलता! 4.5 लाख मासिक वेतन का राज!

बिहार के 'सिंघम' को योगी सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी, जानिए इनका रिकॉर्ड